यूथ इन एक्शन द्वारा 15 फरवरी से 13 मार्च 2026 तक पीलीभीत से गाजीपुर तक 1500 किमी लंबी 'गोमती जीवन यात्रा' का आयोजन। जानें आदि गंगा के पुनर्जीवन की पूरी योजना।
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| प्रेसवार्ता को संबोधित करते सामाजिक संस्था 'यूथ इन एक्शन' संस्था के राष्ट्रीय संयोजक शतरुद्र प्रताप सिंह । |
उत्तर प्रदेश की जीवन-रेखा मानी जाने वाली 'आदि गंगा' गोमती नदी की निर्मलता और अविरलता को बनाए रखने के लिए एक विशाल जन-जागरूकता अभियान 'गोमती जीवन यात्रा' का आगाज होने जा रहा है। सामाजिक संस्था 'यूथ इन एक्शन' द्वारा आयोजित यह यात्रा 15 फरवरी से 13 मार्च 2026 तक चलेगी।
मंगलवार को विश्व संवाद केंद्र के विवेकानंद सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था के राष्ट्रीय संयोजक शतरुद्र प्रताप सिंह ने इस अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की।
यात्रा का मार्ग और उद्देश्य
शतरुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह यात्रा गोमती नदी के उद्गम स्थल उत्तराखंड के पीलीभीत जिले के माधोटांडा से शुरू होकर गंगा-गोमती संगम (वाराणसी-गाजीपुर) के कैथी पर संपन्न होगी। यह परिक्रमा नदी संरक्षण, पुनर्जीवन और सामाजिक चेतना के उद्देश्य से लगभग 1,500 किलोमीटर लंबी यात्रा निकाली जा रही है।
"गोमती केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और भविष्य का आधार है। यह यात्रा समस्या गिनाने के लिए नहीं, बल्कि समाधान खोजने और समाज को जोड़ने के लिए है।" - शतरुद्र प्रताप सिंह
इन जिलों से होकर गुजरेगी यात्रा
यह यात्रा उत्तर प्रदेश के उन सभी प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगी। जहां से होकर गोमती नदी प्रवाहित होती है।
पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी।
हरदोई, सीतापुर, नैमिषारण्य।
लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या।
सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर।
वाराणसी और गाज़ीपुर।
प्रत्येक पड़ाव पर होंगे 3 मुख्य कार्यक्रम
यात्रा के दौरान गांव-गांव और कस्बों में जागरूकता फैलाने के लिए तीन अनिवार्य गतिविधियां निर्धारित की गई हैं।
नदी पूजन एवं गोमती वंदना : नदी के प्रति आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव पैदा करना।
वृक्षारोपण : पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ तटों पर हरियाली बढ़ाना।
स्वच्छता अभियान : विद्यालयों, महाविद्यालयों और ग्राम चौपालों के माध्यम से जन-जागरूकता।
जन-आंदोलन बनाने की अपील
प्रेस वार्ता के दौरान वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र भदौरिया, कोषाध्यक्ष अनिकेत अनि, प्रचार प्रमुख प्रत्यूष श्रीवास्तव और व्यवस्था प्रमुख शशांक सूर्यवंशी भी उपस्थित रहे। संस्था ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और मीडिया से इस अभियान को समर्थन देने की अपील की है ताकि 'नदी बचेगी, तभी जीवन बचेगा' का संकल्प सिद्ध हो सके।
एक नज़र में गोमती जीवन यात्रा 2026
यात्रा के प्रमुख पड़ाव (The Journey Path)
#गोमती जीवन यात्रा 2026


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