CII ने 2026-27 के केंद्रीय बजट सत्र का किया आयोजन; उद्योग जगत ने विकास-केंद्रित घोषणाओं को सराहा

CII उत्तरी क्षेत्र ने केंद्रीय बजट 2026-27 को विकासोन्मुख बताया। जानें कैसे 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' और 'बायो फार्मा शक्ति' जैसे कदम भारतीय उद्योग और MSMEs को नई ऊंचाई देंगे।

Budget 2026-27: CII उत्तरी क्षेत्र ने किया बजट का स्वागत, MSME और विनिर्माण पर जोर

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ 

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) उत्तरी क्षेत्र द्वारा हाल ही में केंद्रीय बजट 2026-27 पर एक विशेष दृश्य सत्र (Viewing Session) का आयोजन किया गया। इस सत्र में क्षेत्रीय उद्योग जगत के दिग्गजों ने बजट के प्रावधानों का विश्लेषण किया और इसे भारत के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए एक 'स्थिर और दूरदर्शी' रोडमैप बताया।

MSME और विनिर्माण: विकास के नए इंजन

CII उत्तरी क्षेत्र की चेयरपर्सन और आनंद ग्रुप की कार्यकारी चेयरपर्सन अंजलि सिंह ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि MSMEs के लिए घोषित लक्षित उपाय उनकी विकास पूंजी (Growth Capital) तक पहुंच को आसान बनाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' का उल्लेख किया, जो घरेलू डिजाइन क्षमता और आईपी सृजन (IP Creation) के माध्यम से भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इसी क्रम में, CII उत्तरी क्षेत्र के उपाध्यक्ष व प्रबंध निदेशक एवं सीईओ, सैमटेल एवियोनिक्स पुनीत कौरा ने कहा कि बजट भारत के औद्योगिक और प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए स्थिर और व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। यह आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण (Supply Chain Integration) पर सरकार का निरंतर जोर उद्यमों को वैश्विक मूल्य श्रृंखला में ऊपर ले जाने में मदद करेगा।

कौशल विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊर्जा

डॉ. उपासना अरोड़ा।
CII उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स डॉ. उपासना अरोड़ा ने बजट के मानवीय और सामाजिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन और स्वास्थ्य क्रांति से बेहतर माहौल बनेगा। बजट रोजगार सृजन और भारत की कार्यशक्ति को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर स्पष्ट और दूरदर्शी फोकस को दर्शाता है। वहीं, मानसिक स्वास्थ्य, ट्रॉमा केयर और सहायक तकनीकों पर बढ़ा हुआ ध्यान देशभर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाएगा। 

रोजगार सृजन: भविष्य की जरूरतों के अनुसार युवाओं का कौशल विकास वैश्विक सेवा निर्यात में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाएगा।

स्वास्थ्य क्रांति: ‘बायो फार्मा शक्ति’ पहल अनुसंधान और निर्यात को नई दिशा देगी। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर पर ध्यान देना देश की स्वास्थ्य प्रणाली को समावेशी बनाएगा।

बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक्स में सुधार


अभिषेक साराफ।
CII उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, अवध रेल इंफ्रा लिमिटेड के अभिषेक साराफ ने विनिर्माण क्षेत्र के लिए बजट को उत्साहजनक बताया। प्रस्तावित एसएमई ग्रोथ फंड के माध्यम से इक्विटी और तरलता तक बेहतर पहुंच से उद्यमों को विस्तार, नवाचार और भारत के विनिर्माण एवं निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र से गहराई से जुड़ने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के विकास से न केवल कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स की लागत में भी भारी कमी आएगी। उन्होंने पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण को लागत प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए अनिवार्य बताया।

स्थिरता और निरंतरता का बजट

CII उत्तरी क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक सुश्री रचना जिंदल ने कहा कि यह बजट निरंतरता, स्थिरता और भारत के औद्योगिक और प्रौद्योगिकी-केन्द्रित विकास को मजबूत करने के स्पष्ट इरादे का संकेत देता है। बजट नीतिगत निरंतरता का प्रमाण है। घोषित उपायों से निवेश में तेजी आएगी और MSME क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।

CII उत्तरी क्षेत्र ने प्रतिबद्धता जताई है कि वह इन सरकारी नीतियों को क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।


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