उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़ा बदलाव! 12 जनवरी 2026 से ₹20,000 से अधिक की रजिस्ट्री फीस का भुगतान अनिवार्य रूप से ऑनलाइन होगा। जानें पूरी खबर।
योगी सरकार ने प्रदेश में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और रजिस्ट्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। शासन द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब राज्य में ₹20,000 से अधिक की रजिस्ट्री फीस (निबंधक शुल्क) का भुगतान अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। यह नया नियम 12 जनवरी 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।
डिजिटल इंडिया को मजबूती और पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठकों और शासन के कड़े निर्देशों के बाद यह निर्णय लिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य रजिस्ट्री कार्यालयों में होने वाले नकद लेन-देन को पूरी तरह समाप्त करना और 'डिजिटल इंडिया' अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है।
पहले यह व्यवस्था प्रयोग के तौर पर केवल कुछ चुनिंदा जनपदों में लागू की गई थी, लेकिन इसकी सफलता और सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों में अनिवार्य कर दिया गया है।
नकद लेन-देन पर लगेगी रोक
अब तक कई मामलों में रजिस्ट्री कार्यालयों में नकद भुगतान के कारण गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी की शिकायतें आती रहती थीं। नए आदेश के बाद शिकायतें कम होंगी। व्यवस्था भी पारदर्शी होगी।
अनिवार्य ऑनलाइन भुगतान
अगर आपकी रजिस्ट्री फीस 20,000 रुपये से एक रुपये भी अधिक होने पर आपको नेट बैंकिंग, यूपीआई (UPI) या अन्य डिजिटल माध्यमों का सहारा लेना होगा। तभी रजिस्ट्री का पूरा भुगतान हो सकेगा।
रसीद का तत्काल सृजन
ऑनलाइन भुगतान से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि भुगतान की पुष्टि भी तत्काल हो जाएगी।
गड़बड़ी की संभावना नहीं
डिजिटल रिकॉर्ड होने के कारण भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी की संभावना शून्य हो जाएगी।
उप निबंधक कार्यालयों को निर्देश
प्रदेश के सभी उप निबंधक (Sub-Registrar) कार्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने यहां ऑनलाइन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी बुनियादी ढांचा तैयार रखें। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया है कि 12 जनवरी के बाद किसी भी स्थिति में भारी-भरकम फीस का नकद स्वीकार न किया जाए।
पारदर्शी व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका होगी खत्म
इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो बड़ी मात्रा में कैश लेकर रजिस्ट्री दफ्तर जाने में असुरक्षित महसूस करते थे। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को डिजिटल पेमेंट के लिए जागरूक होना पड़ेगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और आम जन का काम बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के सीधा और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा।

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