UP Govt Scheme : दो बहनें एक ही स्कूल में पढ़ रही हैं तो दूसरी की फीस होगी माफ, योगी सरकार का फैसला

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बेटियों के लिए बड़ी योजना बनाई है। अब स्कूल में दो बहनें होने पर दूसरी बेटी की ट्यूशन फीस मुफ्त होगी। पढ़ें पूरी प्रक्रिया और अपडेट।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ

उत्तर प्रदेश में बेटियों की शिक्षा को सुगम और सुलभ बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने एक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य सरकार अब उन परिवारों को बड़ी राहत देने जा रही है, जिनकी दो बेटियां एक ही स्कूल में पढ़ाई कर रही हैं। योजना के तहत स्कूल में पढ़ने वाली दूसरी बेटी की ट्यूशन फीस पूरी तरह से माफ की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश

​बेटियों की पढ़ाई के बीच आर्थिक तंगी रोड़ा न बने, इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल ड्रॉपआउट रेट में कमी आएगी, बल्कि अभिभावक भी बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

कैसे काम करेगी यह योजना

​सरकार इस योजना को दो प्रमुख विकल्पों के आधार पर लागू करने पर विचार कर रही है।

संस्थागत सहयोग : संबंधित निजी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों से अनुरोध किया जाएगा कि वे अपने स्तर पर दूसरी बेटी की फीस माफ करें।

फीस प्रतिपूर्ति (Reimbursement) : यदि संस्था फीस माफ नहीं करती है, तो सरकार सीधे अभिभावकों को या स्कूल को फीस की प्रतिपूर्ति (Direct Benefit Transfer) करेगी।

महिला कल्याण विभाग को मिली जिम्मेदारी

​इस योजना की पूरी प्रक्रिया तय करने का जिम्मा महिला कल्याण विभाग को सौंपा गया है। विभाग अब इसके लिए बजट आवंटन, पात्रता के मानदंड और आवेदन की प्रक्रिया का खाका तैयार कर रहा है। यह योजना प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के स्कूलों पर लागू हो सकती है।

शिक्षा के क्षेत्र में नया मील का पत्थर

​उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही 'कन्या सुमंगला योजना' के जरिये बेटियों के जन्म से लेकर स्नातक तक की शिक्षा में मदद कर रही है। अब 'फीस माफी' की इस नई पहल से मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा, जिन्हें दो बच्चों की स्कूल फीस एक साथ भरने में कठिनाई होती थी।

​यह फैसला न केवल आर्थिक रूप से मददगार साबित होगा, बल्कि प्रदेश में "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" के संकल्प को भी धरातल पर मजबूती प्रदान करेगा।

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