UP Governor News : राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया कानपुर राजकीय बालिका गृह का निरीक्षण, बालिकाओं को दिए सफलता के मंत्र

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कानपुर के राजकीय बाल सुधार गृह (बालिका) का निरीक्षण किया। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा, डायरी लेखन और कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

कानपुर के राजकीय बाल सुधार गृह (बालिका) का निरीक्षण करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।
UP Governor Anandiben Patel Visits Kanpur Girls Reform Home | Education & Empowerment News

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर 

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को कानपुर के स्वरूप नगर स्थित राजकीय बाल सुधार गृह (बालिका) का सघन निरीक्षण करके वहां की व्यवस्थाएं देखीं।। निरीक्षण का उद्देश्य संस्था में रह रही बालिकाओं की जीवन स्थितियों का हाल जानना था। साथ ही उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना था।

निरीक्षण के दौरान डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह से बात करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल।
शिक्षा और संस्कार ही उज्ज्वल भविष्य का आधार

बालिकाओं से संवाद के दौरान राज्यपाल ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षित और संस्कारित बेटियां ही उन्नत समाज की नींव रखती हैं। राज्यपाल ने बालिकाओं को उनके भविष्य के प्रति जागरूक करते हुए नियमित डायरी लेखन की आदत डालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डायरी लिखने से न केवल आत्म-मूल्यांकन की क्षमता बढ़ती है, बल्कि इससे अनुशासन और लक्ष्य के प्रति स्पष्टता भी आती है।

आत्मनिर्भरता और कौशल विकास पर जोर

राज्यपाल ने प्रशासन को निर्देशित किया कि बालिका गृह का उद्देश्य मात्र संरक्षण प्रदान करना नहीं होना चाहिए, बल्कि यहां से निकलने वाली बेटियां आत्मनिर्भर और सशक्त नागरिक के रूप में समाज में पहचान बनाएं। उन्होंने बालिकाओं को विभिन्न कौशल विकास (Skill Development) कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए। संवाद के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं से प्रश्न पूछे, तो बच्चों ने बड़े ही आत्मविश्वास के साथ उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

मानसिक स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग

निरीक्षण के दौरान विशेष पहलू छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) की छात्राओं के साथ संवाद रहा। ये छात्राएं बालिका गृह की बच्चियों को मनोवैज्ञानिक परामर्श (Counseling) प्रदान कर रही हैं। राज्यपाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भावनात्मक संतुलन और आत्मविश्वास बहाली के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना पुनर्वास प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।

व्यवस्थाओं का मूल्यांकन और राजभवन की भेंट

राज्यपाल ने परिसर के पुस्तकालय, रसोईघर, भंडारगृह और आवासीय कक्षों का सघन निरीक्षण किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने राजभवन से लाई गईं पुस्तकें और उपयोगी शिक्षण सामग्री बालिकाओं को वितरित की।

सृजनात्मक उपहार : बालिकाओं ने भी अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए स्वयं द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स और स्मृति चिह्न राज्यपाल को भेंट किए।

मूल्यांकन रिपोर्ट : राजभवन की टीम द्वारा तैयार की गई समग्र मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में यहाँ आवश्यक सुधारात्मक और विकासात्मक कदम उठाए जाएंगे।

इस अवसर पर मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन, पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन और CSJMU के कुलपति प्रो. विनय पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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