यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 5 दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। लखनऊ में वार रूम बनाकर चलाए गए ट्विटर अभियान के बाद अब 22 जनवरी को रैली और 27 जनवरी को महाहड़ताल की तैयारी है।
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| लालबाग स्थित वार रूम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभियान चलाते बैंक कर्मचारी। |
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्यप्रणाली (Five-Day Banking) को लागू करने की मांग अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की लखनऊ जिला इकाई के नेतृत्व में रविवार को बैंककर्मियों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लेकर सड़क तक संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है।
वार रूम से चला ट्विटर अभियान, देशभर में हलचल
राजधानी लखनऊ के लालबाग स्थित अवध ट्रेड सेंटर में बैंककर्मियों ने अत्याधुनिक 'वार रूम' स्थापित कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभियान चलाया। इस अभियान की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिनभर #5DayBanking की मांग सोशल मीडिया पर नंबर एक पायदान पर ट्रेंड करती रही। डिजिटल स्पेस में बैंक कर्मचारियों की एकजुटता ने सरकार और प्रबंधन को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सरकार की 'निरंतर अवहेलना' से उपजा आक्रोश
यूनाइटेड फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बैंककर्मी लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग लगातार की जा रही है । सरकार की ओर से मांग की लगातार अवहेलना की जा रही है, जिससे देशभर के बैंककर्मी व्यथित हैं। हम अपनी सेवाओं के प्रति समर्पित हैं, लेकिन कार्य-जीवन संतुलन (Work-Life Balance) हमारा अधिकार है। सरकार की हठधर्मी हमें संघर्ष की राह पर चलने को मजबूर कर रही है।
आंदोलन की आगामी रूपरेखा में रैली और हड़ताल
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अभियान की सफलता के बाद अब संगठन जमीनी स्तर पर विरोध प्रदर्शन तेज करेगा। आंदोलन को धार देने के लिए आगामी कार्यक्रम तय किए गए हैं।
22 जनवरी (शाम 5:30 बजे) : भारतीय स्टेट बैंक (SBI) मुख्य शाखा से विशाल रैली निकाली जाएगी, जो हजरतगंज स्थित इंडियन बैंक पर पहुंचकर एक जनसभा में तब्दील होगी।
27 जनवरी : सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों में एक दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है।
मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी ने बताया कि बैंक कर्मचारियों का तर्क है कि डिजिटल ट्रांजेक्शन के बढ़ते दौर में 5 दिवसीय बैंकिंग जरूरी है। यह न केवल कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि ऐसा होने से कार्य क्षमता के साथ-साथ दक्षता को भी बढ़ाएगी। अगर 27 जनवरी की हड़ताल होती है, तो देशभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन और सरकार की होगी।

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