Bahraich : राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद ने 'सामाजिक समरसता सहभोज' से दिया एकता का संदेश, भेदभाव की दीवारें ढहाने का संकल्प

बहराइच में राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद द्वारा आयोजित 'सामाजिक समरसता सहभोज' में समाज के सभी वर्गों ने एक साथ बैठकर भोजन किया। छुआछूत मुक्त समाज और हिन्दू एकता का संकल्प लिया गया।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, बहराइच

बहराइच की पावन धरा पर आज राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद द्वारा 'सामाजिक समरसता सहभोज' का भव्य और सफल आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम का मुख्य ध्येय समाज में गहरी जड़ें जमा चुके जातिवाद, ऊंच-नीच और छुआछूत जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त कर एक अखंड, सशक्त और समरस हिंदू समाज की स्थापना करना रहा।

'नर सेवा ही नारायण सेवा' का जीवंत दृश्य

सहभोज के दौरान एक अद्वितीय दृश्य देखने को मिला, जहाँ समाज के सभी वर्गों, विभिन्न जातियों और पंथों के लोगों ने एक ही पंक्ति (पंगत) में बैठकर श्रद्धापूर्वक भोजन ग्रहण किया। परिषद के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हिन्दू समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता में है और जब तक समाज जातियों में बंटा रहेगा, राष्ट्र कमजोर रहेगा।

मुख्य वक्ता बोले, एकता ही विजय का आधार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता महामंडलेश्वर महादेव बाबा जी ने कहा कि 

राष्ट्र की रक्षा तभी संभव है जब हमारा समाज आंतरिक रूप से संगठित हो। सामाजिक समरसता केवल एक शब्द नहीं, बल्कि हमारे जीवन का मूल मंत्र होना चाहिए।

मुख्य अतिथि राजा पयागपुर - यादवेंद्र विक्रम सिंह जी ने एकता पर बल देते हुए कहा कि जो समाज आपस में बंटा होता है, उसे बाहरी शक्तियां आसानी से पराजित कर सकती हैं। समरसता के सूत्र में बंधा समाज अजेय होता है। आज हमने भेदभाव की दीवारों को गिराकर सशक्त भारत की नींव रखी है।

हनुमंत धाम के महंत विष्णु देवाचार्य जी ने रामायण का प्रसंग साझा करते हुए कहा कि प्रभु श्री राम ने शबरी के जूठे बेर खाकर और केवट को गले लगाकर जिस समरसता का बीज बोया था, परिषद आज उसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है।

परिषद का विजन: डॉ. राकेश कुमार सनातनी

राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार सनातनी ने बताया कि परिषद निरंतर पिछड़ों, वंचितों और समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है। हमारा संदेश स्पष्ट है—"हम सब पहले हिन्दू हैं और भारत माता की संतानें हैं।"

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी

कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए संगठन के शीर्ष नेतृत्व से लेकर जिला स्तर के निम्नलिखित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

पदाधिकारी का नाम :  पद

डॉ. राकेश कुमार सनातनी : राष्ट्रीय अध्यक्ष

मुकेश सनातनी राष्ट्रीय : महासचिव

विवेक सनातनी : राष्ट्रीय युवा शक्ति रक्षा सह संयोजक

ज्योति कुमार सनातनी : प्रदेश उपाध्यक्ष

कुलदीप सनातनी : प्रदेश संयोजक

प्रवेश सनातनी : प्रदेश उपाध्यक्ष

भवानी प्रसाद सनातनी : प्रदेश विशेष संपर्क प्रमुख

विजय सनातनी : अयोध्या मंडल अध्यक्ष

संदीप सनातनी : अयोध्या मंडल उपाध्यक्ष

शशि भूषण त्रिपाठी : अवध प्रान्त अध्यक्ष

साहिल सनातनी : देवीपाटन मंडल मीडिया प्रभारी

ओमप्रकाश सनातनी : मंडल उपाध्यक्ष, देवीपाटन

महिला मोर्चा एवं जिला पदाधिकारी

संतोष सनातनी (जिला महाशक्ति रक्षा सह संयोजक), अर्चना सनातनी (जिला महाशक्ति रक्षा सत्संग सह संयोजक), शशि सनातनी (जिला महाशक्ति रक्षा सत्संग संयोजिका), मीना सनातनी (जिला मातृशक्ति सह संयोजिका)।

हिमांशु सनातनी (जिला उपाध्यक्ष), अनिल सनातनी (जिला सह संयोजक), उमा शंकर सनातनी (जिला कार्याध्यक्ष), संतोष सनातनी (जिला उपाध्यक्ष), संदीप सनातनी (जिला सत्संग प्रमुख), पूजा सनातनी (निजी सचिव)।

नगर एवं वार्ड स्तरीय पदाधिकारी

लक्ष्मी नारायण सनातनी (नगर मंत्री), मगन बिहारी पाठक (अन्नदाता शक्ति रक्षा प्रमुख), अजीत सनातनी (प्रखंड अध्यक्ष), अनंत राम सनातनी (वार्ड सत्संग प्रमुख), मनोज सनातनी (वार्ड अध्यक्ष), चंडिका प्रसाद सनातनी (नगर उपाध्यक्ष), बृजेन्द्र सनातनी (IT संयोजक), सत्य देव सनातनी (सत्संग प्रमुख), बाबा ओमप्रकाश (नगर सत्संग प्रमुख), सूर्य प्रकाश (नगर उपाध्यक्ष), रमेश सनातनी एवं आशीष सनातनी (वार्ड उपाध्यक्ष, कानूनगोपुर), बृजेश सनातनी (बक्शी पूरा सत्संग प्रमुख), भीष्माचार्य, शरद एवं उमाकांत सनातनी (नगर उपाध्यक्ष), देवानंद सनातनी (वार्ड अध्यक्ष), अमन सनातनी (युवा अध्यक्ष)।

संरक्षक मंडल

सदा शंकर सनातनी, आरपीएन सनातनी और सदानंद सनातनी (हित चिंतक)।

गांव-गांव तक पहुंचेगा अभियान

सहभोज के उपरांत आयोजित गोष्ठी में राष्ट्रीय महासचिव मुकेश सनातनी ने घोषणा की कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता अब गांव-गांव जाकर हिन्दू समाज को जोड़ने का कार्य करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि "सामाजिक समरसता ही हमारे राष्ट्र की नींव है।" कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा इकाई और महिला मोर्चा का विशेष योगदान रहा।

Post a Comment

0 Comments