KGMU लखनऊ में अपर्णा यादव के साथ आए लोगों द्वारा तोड़फोड़ के खिलाफ डॉक्टरों और कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। 13 जनवरी से ओपीडी हड़ताल का ऐलान। पढ़ें पूरी खबर।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में पिछले दिनों हुई तोड़फोड़ और महिलाओं के साथ बदसलूकी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के साथ आए कथित अराजक तत्वों की हरकत से केजीएमयू के डॉक्टर, कर्मचारी और रेजीडेंट्स में नाराजगी है।
संयुक्त समिति का अल्टीमेटम- "FIR नहीं तो इलाज नहीं"
शिक्षक, रेजीडेंट्स, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों की संयुक्त समिति ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। समिति का आरोप है कि 9 जनवरी को परिसर में जमकर तोड़फोड़ की गई। महिला अधिकारियों के साथ अभद्रता हुई, लेकिन 72 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब तक FIR दर्ज नहीं की है।
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| केजीएमयू संयुक्त समिति का सामूहिक पत्र। |
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर पुलिस ने दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया, तो मंगलवार (13 जनवरी) से अस्पताल की ओपीडी (OPD) सेवाएं पूरी तरह बंद रखी जाएंगी। हालांकि, मरीजों की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल इमरजेंसी सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया है।
जब कुलपति ही सुरक्षित नहीं, तो हमारा क्या
संयुक्त समिति की ओर से जारी सामूहिक बयान में कहा गया है कि जब संस्थान के कुलपति, प्रति-कुलपति और महिला प्रॉक्टोरियल बोर्ड के साथ 100-150 उपद्रवी सरेआम बदसलूकी कर सकते हैं, तो आम कर्मचारियों और रेजीडेंट्स की सुरक्षा भगवान भरोसे है। समिति ने अपर्णा यादव की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके साथ आए लोगों ने संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।


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