विश्व ध्यान दिवस पर आयोजित समारोह में कोआर्डिनेटर शालिनी दीदी ने कहा कि निराश बच्चों को कराएं मेडिटेशन
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| ध्यान समारोह का शुभारंभ करतीं मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनका खन्ना व शालिनी दीदी। |
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
विश्व ध्यान दिवस पर भारतीय प्रबंधन संस्थान (Indian Institute of Manegement) आईआईएम (IIM) रोड स्थित हार्टफुलनेस संस्था में आयोजित हार्टफुल ध्यान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने कहा कि ध्यान करके हम अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। आज का अनुभव मेरे लिए अहम व अद्वितीय था। व्यस्त जीवन में सभी को ध्यान के लिए समय निकालना चाहिए।
कुलपति प्रो मनुका खन्ना ने कहा कि विगत 10 -15 वर्षों में बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कुछ वैज्ञानिक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। ऐसे मेडिटेशनल कार्यक्रम और वर्कशॉप में हार्टफुलनेस संस्था का भी सहयोग लिया जाएगा।
हार्टफुलनेस संस्था, लखनऊ की कॉर्डिनेटर शालिनी दीदी ने बताया कि ध्यान की अनेक पद्धतियां हैं, लेकिन हार्टफुलनेस ध्यान की विशेषता है कि यह प्राणाहुति के द्वारा किया जाता है, जिससे व्यक्ति की चेतना में तत्काल शांति एवं आंतरिक परिवर्तन महसूस होता है। जो पूरे वातावरण एवं समाज में परिवर्तन लाता है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को आज ध्यान की बहुत आवश्यकता है। जो व्यक्ति ध्यान नहीं करता है वो रिएक्ट करता है और जो ध्यान करता है वो रिस्पॉन्स करता है। निराश बच्चों को मेडिटेशन जरूर कराएं। इस अवसर पर हार्टफुलनेस संस्था के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी समेत सैकड़ों लोगों ने एक साथ ध्यान किया।



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