Mathura : महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी कर फंसे संत अनिरुद्धाचार्य; परिवाद दर्ज, एक जनवरी को सुनवाई

संत ने प्रवचन के दौरान कहा था कि महिलाएं 25 वर्ष की उम्र में चार जगह मुंह मार लेती हैं, इसलिए  14 वर्ष की आयु में शादी हो जानी चाहिए





प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, मथुरा


वृंदावन के प्रसिद्ध संत और कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करके मुश्किलों में फंस गए हैं। उन्होंने प्रवचन के दौरान कहा था कि महिलाएं 25 वर्ष की उम्र में चार जगह मुंह मार लेती हैं। इसलिए उनकी शादी 14 वर्ष की आयु में हो जानी चाहिए। इस बयान को लेकर अखिल भारतीय हिंदू महासभा आगरा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कोर्ट में शिकायत की थी। मथुरा सीजेएम कोर्ट ने परिवाद दर्ज करते हुए सुनवाई के लिए 1 जनवरी 2026 की तारीख तय की है।





भारतीय हिंदू महासभा आगरा जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने संत अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। उसमें कहा गया था कि प्रवचन के दौरान अनिरुद्धाचार्य महिलाओं पर विवादित टिप्पणी करते हैं जो गलत है। संत ने एक प्रवचन के दौरान कहा था कि महिलाएं 25 वर्ष की उम्र में चार जगह मुंह मार लेती हैं। इसलिए उनकी शादी 14 वर्ष की आयु में हो जानी चाहिए। विवादित बयान के बाद जनपद न्यायालय सीजेएम कोर्ट ने मामला संज्ञान में लिया है। इस मामले की सुनवाई 1 जनवरी को होगी।




वृंदावन के प्रसिद्ध संत अनिरुद्धाचार्य के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर लाखों फॉलोअर हैं। अनिरुद्धाचार्य की कथा सुनने के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है। वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर उनका गौरी गोपाल  नाम से आश्रम बना हुआ है।



कुछ महीने पहले वृंदावन में कथा प्रवचन के दौरान शिष्यों ने पूछा लड़कियों की शादी कब हो जानी चाहिए। इस पर संत ने जवाब दिया कि लड़कियों की शादी 14 वर्ष की अवस्था में हो जानी चाहिए क्योंकि, 25 वर्ष की आयु होते-होते लड़कियां कई जगह मुंह मार लेती हैं जो गलत है। अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने बताया मीरा राठौर के द्वारा सीजेएम कोर्ट में एक लिखित शिकायत की गई थी, उसका कोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने वाद को पंजीकृत कर लिया है, अब अगली सुनवाई 1 जनवरी 2026 को होगी। इस दिन शिकायतकर्ता मीरा राठौर अपने बयान दर्ज कराएंगी।




मीरा राठौर ने कहा ऐसे संत को जेल भेज देना चाहिए। महिलाओं के खिलाफ अनिरुद्धाचार्य विवादित टिप्पणी करते रहते हैं, जो गलत है। मुझे नहीं लगता कि वह असली साधु संत हैं। साधु संतों की यह भाषा नहीं होती है। अगर यही बात कोई मौलाना मौलवी कहता तो अब तक उसके मकान-मस्जिद पर बुलडोजर चल जाता। अनिरुद्धाचार्य के खिलाफ पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया तो मुझे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय में जीत हुई, हम मांग करते हैं मुकदमा दर्ज करके तत्काल अनिरुद्धाचार्य को जेल भेजना चाहिए, उनकी भाषा बहुत गलत है।

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