Blue Bird Block-2 Satellite Launch : सैटेलाइट लॉन्‍च कर इसरो ने रचा इतिहास





 प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, अमरावती (आंध्र प्रदेश)




ब्‍लू बर्ड ब्‍लॉक-2 सेटेलाइट लॉन्‍च कर इसरो (ISRO) ने इतिहास रच दिया है। इसरो ने LVM3 M6 मिशन श्रीहरिकोटा सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया। इसरो US-बेस्ड AST SpaceMobile के साथ एक कमर्शियल डील के तहत ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को ऑर्बिट में ले गया।




यह मिशन अगली पीढ़ी के कम्युनिकेशन सैटेलाइट को तैनात करेगा। इसे दुनिया भर में स्मार्टफोन को सीधे हाई-स्पीड सेलुलर ब्रॉडबैंड देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 स्पेसक्राफ्ट LVM3 रॉकेट के इतिहास में लो अर्थ ऑर्बिट में लॉन्च किया जाने वाला सबसे भारी पेलोड होगा।





ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल से अलग होने के बाद सफलतापूर्वक ऑर्बिट में स्थापित हो गया है। इसके साथ ही यह मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।




ISRO के चेयरमैन वी. नारायणन ने कहा कि लॉन्च व्हीकल ने ब्लू बर्ड ब्लॉक 2 कम्युनिकेशन सैटेलाइट को तय ऑर्बिट में सफलतापूर्वक और सटीक रूप से स्थापित कर दिया है। यह USA की एक कंपनी AST SpaceMobile के लिए पहला डेडिकेटेड कमर्शियल लॉन्च है।




चेयरमैन ने कहा कि यह श्रीहरिकोटा से हमारा 104वां लॉन्च है। साथ ही LVM-3 लॉन्च व्हीकल का 9वां सफल मिशन है, जो इसकी 100% विश्वसनीयता दिखाता है। यह सिर्फ़ 52 दिनों में LVM-3 का लगातार दूसरा मिशन है।




यह भारतीय लॉन्च व्हीकल का इस्तेमाल करके भारतीय धरती से लॉन्च किया गया अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट है। यह LVM-3 का तीसरा पूरी तरह से कमर्शियल मिशन भी है। इस व्हीकल ने अपना शानदार ट्रैक रिकॉर्ड दिखाया है।




इस सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा है कि भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। LVM3-M6 का सफल लॉन्च, जिसने भारतीय धरती से लॉन्च किए गए अब तक के सबसे भारी सैटेलाइट, USA के स्पेसक्राफ्ट ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 को उसकी तय ऑर्बिट में स्थापित किया। यह भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक गौरवपूर्ण मील का पत्थर है।




पीएम मोदी ने कहा कि यह भारत की हेवी-लिफ्ट लॉन्च क्षमता को मजबूत करता है और ग्लोबल कमर्शियल लॉन्च मार्केट में हमारी बढ़ती भूमिका को भी मजबूत करता है।




यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हमारे प्रयासों को भी दिखाता है। हमारे मेहनती अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई। भारत अंतरिक्ष की दुनिया में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

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