भगवान शिव की पूजा -वर्जित वस्तु

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प्रारब्ध अध्यात्म डेस्क, लखन‌ऊ 

वेदों के अनुसार, त्रिदेवों में भगवान शिव को संहारक रहता माना गया है। भगवान शिव की पूजा में बहुत सी अर्पित की जाती हैं जो किसी अन्य देवताओं पर नहीं चढ़ाई जाती है जैसे आक, बिल्वपत्र, भांग, धतूरा आदि।

इसी प्रकार से शिव की पूजा में कई ऐसी वस्तुएं हैं जो पूजा का फल देने के बजाय नुकसान पहुंचा सकती हैं।

1- हल्दी- हल्दी खानपान के स्वाद को तो बढ़ाती है साथ ही धार्मिक कार्यों में भी हल्दी का महत्वपूर्ण स्थान माना गया है, लेकिन शिवजी की पूजा में हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है। हल्दी का उपयोग मुख्य रूप में सौंदर्य प्रसाधन में किया जाता है और शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुषत्व का प्रतीक है। इसी वजह से महादेव को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है।

2-फूल- शिव को कनेर  और कमल के अलावा लाल रंग के फूल प्रिय नहीं है इसके अलावा केतकी और केवड़े के फूल चढ़ाने का निषेध किया गया है।

3-कुमकुम या रोली- शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव को कुमकुम रोली नहीं लगाई जाती है।

4-शंख-शंंख शिव पूजा में वर्जित है। शंख, भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है। शिव जी ने शंखचूर्ण नामक असुर का वध किया था इसलिए भगवान शिव की पूजा में शंख को वर्जित माना गया है।

5-नारियल पानी- नारियल पानी से शिव का अभिषेक नहीं करना चाहिए क्योंकि नारियल को लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है इसलिए सभी शुभ कार्यों में नारियल को प्रसाद रूप में ग्रहण किया जाता है लेकिन भगवान शिव पर अर्पित होने के बाद नारियल पानी ग्रहण योग्य नहीं रह जाता है।

6-तुलसी दल- तुलसी का पत्ता भी भगवान शिव को नहीं चढ़ाना चाहिए। इस संदर्भ में असुर राज जालंधर की कथा है। जिसकी पत्नी वृंदा थी। शिव जी ने जालंधर का वध किया था इसलिए वृंदा ने भगवान शिव को श्राप दिया था।


भगवान भोलेनाथ की पूजन में चढ़ाई जाने वाली वस्तुएं

भगवान शिव की पूजा में जल, दूध, दही, शहद, घी, चीनी, इत्र, चंदन, केसर, भांग चढ़ाया जाता है। इन सभी चीजों को एक साथ मिलाकर या एक-एक चीज शिवलिंग पर चढ़ा सकते हैं। शिव पुराण में बताया गया है कि इन चीजों से शिवलिंग को स्नान कराने पर सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं।


इन दस चीजों से मिलने वाले फल

-मंत्रों का उच्चारण करते हुए शिवलिंग पर जल चढ़ाने से हमारा स्वभाव शांत होता है और आचरण स्नेहमय होता है।

-शहद चढ़ाने से हमारी वाणी में मिठास आती है।

-दूध अर्पित करने से उत्तम स्वास्थ्य मिलता है।


-दही चढ़ाने से हमारा स्वभाव गंभीर होता है।

-शिवलिंग पर घी अर्पित करने से हमारी शक्ति बढ़ती है।

-इत्र से स्नानत करवाने से विचार पवित्र होते हैं।

-शिवजी को चंदन चढ़ाने से हमारा व्यक्तित्व आकर्षक होता है। समाज में मान सम्मान प्राप्त होता है।

-केसर अर्पित करने से हमें सौमिता प्राप्त होती है।

-भांग चढ़ाने से हमारे विकार और बुराइयां दूर होती है।

-चीनी चढ़ाने से सुख और समृद्धि बढ़ती है।

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