Prarabdh Dharm-Aadhyatm : आज का पंचांग (22 मार्च 2022)

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22 मार्च, दिन : मंगलवार


विक्रम संवत : 2078 (गुजरात - 2077)


शक संवत : 1943


अयन : उत्तरायण


ऋतु - वसंत ऋतु


मास - चैत्र  (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - फाल्गुन)


पक्ष - कृष्ण


तिथि -   पंचमी सुबह 06:24 से  23 मार्च सुबह 04:21 तक तपश्चात षष्टी


 नक्षत्र - विशाखा रात्रि 08:14  तक तपश्चात अनुराधा


 योग -  हर्षण रात्रि 1:10 तक  तत्पश्चात वज्र


 राहुकाल - अपरान्ह 03:49 से 04:20 तक


 सूर्योदय - 06:42


 सूर्यास्त - 06:51


 चन्द्रोदय - रात्रि 11:03


 दिशाशूल - उत्तर


पंचक


पंचक का आरंभ 28 मार्च 2022, सोमवार को रात्रि 11.55 बजे से 

पंचक का समापन- 2 अप्रैल 2022, शनिवार को सुबह 11.21 बजे तक 


एकादशी


सोमवार, 28 मार्च 2022- पापमोचनी एकादशी


प्रदोष 


29 मार्च, दिन: मंगलवार, भौम प्रदोष व्रत, पूजा मुहूर्त: शाम 06:37 बजे से रात 08:57 बजे तक


 व्रत पर्व विवरण - रंग पंचमी


 पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।

(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


पारिवारिक कलह को नाश करने वाला प्रयोग


पति-पत्नी में झगड़ा हो गया हो और उसका शमन करना हो तो पति-पत्नी दोनों पार्वतीजी को तिलक करके उनकी ओर एकटक देखें तथा प्रार्थना करें| अगर पति पत्नी को निकाल देना चाहता है तो पत्नी यह प्रयोग करें|इससे झगड़ा शांत हो जायेगा। 

 घर को तीर्थ जैसा पवित्र बनाएं


सुबह - शाम घी का दीपक करें।


जहाँ सोते हैं वहां २-३ दिन पुरानी चादर न बिछी रहे । एक या दूसरे दिन चादर बदल दें फिर भले पानी से ही धो कर सुखादें ।


घर में नाश्ता करने से पहले सफाई हो जानी चाहिए।ऐसा करने वाले के घर से लक्ष्मी जाती नहीं।


जूठे बर्तन रख कर न सो जाएँ ।

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