Prarabdh Dharm-Aadhyatm : आज का पंचांग (01 दिसंबर 2021)

01 दिसंबर, दिन : बुधवार


विक्रम संवत : 2078 (गुजरात - 2077)


शक संवत : 1943


अयन : दक्षिणायन


ऋतु : हेमंत


मास : मार्ग शीर्ष मास (गुजरात एवं महाराष्ट्र के अनुसार  कार्तिक)


पक्ष :  कृष्ण 


तिथि : द्वादशी रात्रि 11:35 बजे तक तत्पश्चात त्रयोदशी


नक्षत्र : चित्रा शाम 06:47 बजे तक तत्पश्चात स्वाती


योग : सौभाग्य 08:45 बजे तक तत्पश्चात शोभन


राहुकाल : दोपहर 12:28 बजे से दोपहर 01:50 बजे तक


सूर्योदय : प्रातः 07:00 बजे


सूर्यास्त : संध्या 17:54 बजे


दिशाशूल : उत्तर दिशा में


पंचक


09 दिसंबर 2021 से 14 दिसंबर 2021 तक।


व्रत और त्योहार


एकादशी 


30 नवंबर : उत्पन्ना एकादशी


14 दिसंबर : मोक्षदा एकादशी


30 दिसंबर : सफला एकादशी


प्रदोष


02 दिसंबर : प्रदोष व्रत


31 दिसंबर : प्रदोष व्रत


पूर्णिमा


18 दिसंबर : मार्गशीर्ष पूर्णिमा


अमावस्या


04 दिसम्बर : मार्गशीर्ष अमावस्या


व्रत त्योहार


द्वादशी को पूतिका (पोई) अथवा त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)


कर्ज-मुक्ति के लिए मासिक शिवरात्रि


02 दिसम्बर 2021 गुरुवार को मासिक शिवरात्रि है।हर मासिक शिवरात्रि को सूर्यास्‍त के समय घर में बैठकर अपने गुरुदेव का स्मरण करके शिवजी का स्मरण करते-करते ये 17 मंत्र बोलें, जिनके सिर पर कर्जा ज्यादा हो, वो शिवजी के मंदिर में जाकर दीप जलाकर नीचे लिखे 17 मंत्र पढ़ें। जिससे कर्ज से मुक्ति मिलेगी।


1. ॐ शिवाय नम:


2. ॐ सर्वात्मने नम:


3. ॐ त्रिनेत्राय नम:


4. ॐ हराय नम:


5. ॐ इन्द्र्मुखाय नम:


6. ॐ श्रीकंठाय नम:


7. ॐ सद्योजाताय नम:


8. ॐ वामदेवाय नम:


9. ॐ अघोरह्र्द्याय नम:


10. ॐ तत्पुरुषाय नम:


11. ॐ ईशानाय नम:


12. ॐ अनंतधर्माय नम:


13. ॐ ज्ञानभूताय नम:


14. ॐ अनंतवैराग्यसिंघाय नम:


15. ॐ प्रधानाय नम:


16. ॐ व्योमात्मने नम:


17. ॐ युक्तकेशात्मरूपाय नम:


आर्थिक परेशानी से बचने के लिए


हर महीने में शिवरात्रि (मासिक शिवरात्रि - कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी) को आती है। उस दिन जिसके घर में आर्थिक कष्ट रहते हैं वो शाम के समय या संध्या के समय जप-प्रार्थना करें एवं शिवमंदिर में दीप-दान करें।

और रात को जब 12 बज जायें तो थोड़ी देर जाग कर जप और एक श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें। ऐसा करने से आर्थिक परेशानी दूर हो जायेगी।


प्रति वर्ष में एक महाशिवरात्रि आती है और हर महीने में एक मासिक शिवरात्रि आती है। उस दिन शाम को जब सूर्यास्त हो रहा हो उस समय एक दीप पर पाँच लंबी बत्तियाँ अलग-अलग जलाकर शिवलिंग के आगे जला के रखें। भगवान शिव के नाम का जप और प्रार्थना करना चाहिए। इससे व्यक्ति कर्जे से जल्द मुक्त होता है, आर्थिक परेशानियाँ दूर होती हैं।


कच्ची धानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमानजी की आरती करें। अनिष्ट दूर होगा और धन भी प्राप्त होगा।


प्रदोष व्रत



हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 02 दिसम्बर, गुरुवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए...।


ऐसे करें व्रत व पूजा


प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।


इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।


पूरे दिन निराहार (संभव न हो तो एक समय फलाहार) कर सकते हैं) रहें और शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।


भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं। भगवान शिवजी की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उसीसे अपना व्रत भी तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।


ये उपाय करें


सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। आंकड़े के फूल भगवान शिवजी को विशेष प्रिय हैं । ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।

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