BSP Supremo Mayawati said that taking to the streets to save the constitution will not work, change of Power is Necessary : बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा-संविधान बचाने के लिए सड़कों पर उतरने से काम नहीं चलेगा, सत्ता परिवर्तन जरूरी

0

डॉ. भीमराव आम्बेडकर की पुण्यतिथि पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहीं


प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ


संविधान बचाने के लिए सड़कों पर उतरने से काम नहीं चलेगा बल्कि सत्ता परिवर्तन करने से काम चलेगा। सत्ता में बाबा साहेब के विरोधी लोग बैठे हैं। ऐसे में सड़कों पर उतर का हम क्या करेंगे? हमें सत्ता परिवर्तन करना होगा। अभी केन्द्र व राज्यों में ऐसी सरकारें बैठी हैं जो संविधान के हिसाब से नहीं चल रही हैं। उनका एक ही रास्ता है कि उनको सत्ता से बाहर करके बसपा को सत्ता में लाना तभी संविधान बचेगा व सही ढंग से लागू होगा । यह बातें डॉ. भीमराव आम्बेडकर की पुण्यतिथि पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष व यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने यूपी स्टेट पार्टी कार्यालय लखनऊ में कहीं।




मायावती ने कहा कि बाबा साहेब डा. आम्बेडकर ने पूरी जिन्दगी अनेकों कष्ट झेलकर ख़ासकर इन वर्गाें के लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए समर्पित की, लेकिन संविधान बनाकर उन्होंने इन वर्गाें के लोगों को हर स्तर पर अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए जो क़ानूनी अधिकार दिलाये उनका यहाँ केन्द्र व राज्यों की जातिवादी सरकारों के चलते पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है, जो बड़े दुख व चिन्ता की बात है।




बसपा प्रमुख ने कहा कि देश में संकीर्ण व जातिवादी सोच रखने वाली ऐसी पार्टियाँ व संगठन हैं, जिन्होंने बाबा साहेब डा. आम्बेडकर की मानवतावादी सोच व संघर्ष का हमेशा विरोध किया है तथा उनकी घोर उपेक्षा भी की है, लेकिन अब वे अपने राजनीतिक हित के लिए दिखावटी व बनावटी प्रेम के रूप में उन्हें याद करते हुए नज़र आते हैं। उनकी इसी मजबूरी का नाम ही बहुजन समाज पार्टी है।

मायावती ने कहा कि बसपा की स्थापना के बाद ही देश में टूटे व बिखरे पड़े करोड़ों दलितों, आदिवासियोें व अन्य पिछड़े वर्गाें तथा धार्मिक अल्पसंख्यकों में से विशेषकर मुस्लिम समाज के लोगों को वोट की शक्ति व राजनीतिक महत्त्व के प्रति जागरुकता पैदा करके उन्हें गुलाम मानसिकता से काफी हद तक आज़ादी दिलाई है।


इसीलिए संघर्ष व मुख्य लक्ष्य बाबा साहेब डा. आम्बेडकर के आत्म- सम्मान व स्वाभिमानी मूवमेन्ट तथा उनकी समतामूलक व न्यायपूर्ण सोच को ज़िन्दा रखने व उसे आगे बढ़ाने का मूवमेन्ट है जिसे कभी भी कम करके नही आँका जाना चाहिए और यह कारवाँ न रूकने वाला है व ना ही झुकने वाला है, बल्कि बाबा साहेब डा. भीमराव आम्बेडकर के चट्टान जैसे मज़बूत इरादों की तरह, पत्थर काटकर अपना रास्ता खुद बनाने वाला है, जिसके नेतृत्व पर लोगो को हमेशा पूरा विश्वास रहा है।


बसपा प्रमुुख ने कहा कि बीएसपी को अपने लोगों की भरपूर लगन, मेहनत व मिशनरी संघर्ष पर पूरा भरोसा है कि वे विरोधियों के सभी साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों का डटकर मुकाबला करते हुये अपने मकसद में कामयाब होंगे और फिर इस बार सन् 2022 में बी.एस.पी. की पूर्ण बहुमत की सन् 2007 से भी अधिक मज़बूत सरकार बनेगी।


मायावती ने कहा कि समाजवादी पार्टी कितने ही गठबंधन कर लें, कुछ भी कर लें, जनता को यह मालूम है कि सपा के शासनकाल में गुण्डागर्दी व माफियागर्दी चरम सीमा पर थी। बीएसपी के शासनकाल में हर मामले में व हर स्तर पर कानून द्वारा कानून का राज था।


बसपा प्रमुख ने मायावती ने बताया कि यूपी में खासकर दबे-कुचले और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग हैं। उनपर जुल्म-ज्यादती किसी न किसी रूप में हर दिन होती रहती है। मीडिया को वे लोग मैनेज कर लेते हैं और इसीलिए मीडिया में जो भी खबरें आती हैं वे आंटे में नमक के बराबर ही होती हैं।

Post a Comment

0 Comments

if you have any doubt,pl let me know

Post a Comment (0)
To Top