Dr. Hemant Mohan advised to beware of Zika, Dengue, Chikungunya besides swine flu at the 553rd birth anniversary free homeopathic health camp of Guru Nanak Dev at Motijheel, Kanpur : कानपुर के मोतीझील में गुरुनानक देव के 553वें जन्मोत्सव निश्शुल्क होम्योपैथिक स्वास्थ्य शिविर में डा. हेमंत मोहन ने जीका, डेंगू, चिकनगुनिया के अलावा स्वाइन फ्लू से सावधान रहने की दी नसीहत

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वायरल जनित बीमारियों को जड़ से उखाड़ फेंकती होम्योपैथिक दवाएं


आरोग्यधाम ग्वालटोली के होम्योपैथिक स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भीड़




प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर



गुरुनानक देव के 553वें जन्मोत्सव के अवसर मोतीझील प्रांगण में प्रत्येक वर्ष की भांति शहर के ग्वालटोली स्थित आरोग्यधाम की ओर से शुक्रवार को निश्शुल्क होम्योपैथिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। आरोग्यधाम के जाने-माने होम्योपैथिक चिकित्सक डाॅ. हेमंत मोहन एवं डॉ. आरती ने मरीजों का निश्शुल्क चेकअप कर दवाएं वितरित कीं। डॉक्टर दंपति ने कहा कि कोरोना काल में क्षतिग्रस्त हुए फेफड़ों के लिए होम्योपैथिक दवाएं कारगर हैं। 




वहीं, डॉ. हेमंत मोहन व डॉ. आरती मोहन ने कहा कि डेंगू, चिकनगुनिया व जीका वायरस में घबराने की जरूर नहीं है। इन बीमारियों का निदान होम्योपैथिक दवाएं महज तीन दिन में कर सकती हैं। तीन दिन से चल रहे 553वें प्रकाशोत्सव में लाखों की संख्या में दूर-दूर से भक्त आए हैं। इस दौरान सभी ने लंगर भी छका।




डॉ. हेमंत मोहन और डा. आरती ने असाध्य रोग पथरी, चर्मरोग, भगंदर, बच्चेदानी, एक्जिमा, दमा, उक्त रक्तचाप और मधुमेह, डिप्रेशन, खांसी-जुकाम के 1450 मरीजों का निश्शुल्क परीक्षण किया गया। आरोग्यधाम की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती मोहन ने महिलाओं से संबंधित रोग जैसे मासिक धर्म में अनियमित, बच्चेदानी में गांठ, बांझपन, श्वेत प्रदर आदि से पीड़ित महिलाओं का निश्शुल्क परीक्षण कर दवाएं वितरित की।




आरोग्य धाम के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. हेमंत मोहन ने बताया कि समय परिवर्तन के साथ–साथ एलोपैथिक दवाओ के प्रभाव से बचने के लिए होम्योपैथिक दवाओं का सहारा ले रहे है। होम्योपैथिक एक ऐसी चिकित्सा प्रणाली है जिसमें रोग के साथ रोगी भी ठीक होता है। होम्योपैथिक चिकित्सकों ने बताया कि होम्योपैथिक दवाएं असाध्य रोगों मे कारगर सिद्ध हुई हैं। कैंप में बुजुर्ग में दमा, उच्च रक्तचाप,मधुमेह,व छोटे बच्चों में निमोनिया, चर्म रोग एवं कोल्ड डायरिया के मरीज अधिक पाए जाते हैं।





शिशिवर में होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अभिषेक सिंह ने रोगियों को उच्च रक्तचाप नियंत्रित करने और डेंगू से बचने की सलाह दी गई। साथ ही संतुलित आहार के बारे में भी आमजन को अवगत कराया गया। उन्होंने बताया कि घी तेल चिकनाई का सेवन कम से कम करने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है।




शिविर में कानपुर नगरभर से 10 से अधिक कुशल एवं अनुभवी होम्योपैथिक चिकित्सक मौजूद रहे। उसमें से मुख्य रूप से डॉ. श्यामली गुप्ता, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. स्मिता अग्रवाल, डॉ. अजय शर्मा, डॉ. नवीन गुप्ता, डॉ. कार्तिक विश्नोई, डॉ अभिषेक दीक्षित सहित 70 होम्योपैथिक चिकित्सक उपस्थित रहे। कैंप में दवाओं की व्यवस्था आरोग्यधाम ग्वालटोली के डॉ. हेमंत मोहन ने बताया कि लोगों के मन में भ्रांतियां हैं। होम्योपैथिक दवाएं धीरे-धीरे असर करती हैं। लक्षणों का चयन सही होने पर होम्योपैथिक की दवा एलोपैथिक दवा की तरह तुरंत अपना प्रभाव दिखाती हैं। एलोपैथिक दवा से भी तेजी से फायदा पहुंचाती हैं।


अतिथियों ने किया उद्घाटन




इससे पहले निश्शुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर का उद्घाटन उच्च शिक्षा राज्यमंत्री नीलिमा कटियार, विधायक सुरेंद्र मैथानी, आइजी प्रशांत कुमार, सिख सभा के अध्यक्ष हरविंदर सिंह लार्ड व सुखविंदर सिंह लाडी की मौजूदगी में हुआ। सिख सभा ने डा. हेमंत व डा. आरती को सिरोपा देकर सम्मानित किया।


यह लोग रहे शिविर में मौजूद


शिविर यूपी युवा सिख संघ के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह मिंटा, आरएनखन्ना, संजय जयसवाल, यूएन तिवारी, राकेश श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश पंजाबी एकेडमी के उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह छाबड़ा, प्रशांत शर्मा, उमा शर्मा कैंप के आयोजन में वरिष्ठ जेपीसिंह, सरदार सल्ली सिंह, अशोक मोहन, आरआर मोहन, श्रुति सिंह, सौम्या सैनी, आशीष यादव, ग्वालटोली गुरुद्वारा के सरदार रंजीत सिंह, तरनजीत सिंह का विशेष सहयोग रहा। 

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