Covid-19 : कोरोना से बलिया के सीएमओ की मौत

  • डॉ. जितेंद्र पाल मूल रूप से सन्त कबीर नगर के रहने वाले थे
  • गोरखपुर जिले में घर बनाकर परिवार समेत आकर बस गए थे


प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, बलिया


दिवंगत सीएमओ डॉ. जितेंद्र पाल की फाइल फोटो।


कोरोना वायरस का कहर थम नहीं रहा है। कोरोना महामारी के इलाज प्रबंधन से लेकर वैक्सीनेशन की तैयारी में लगे अधिकारी भी संक्रमण की चपेट में आकर दम तोड़ रहे हैं। सोमवार को कोरोना के संक्रमण की चपेट में आए बलिया के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. जितेन्द्र पाल की लखनऊ के संजय गांधी स्नात्कोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्हें 28 दिसम्बर 2020 को कोरोना का संक्रमण हुआ था। बलिया में इलाज के दौरान अचानक ऑक्सीजन लेवल गिरने पर डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआइ रेफर कर दिया था।


दिवंगत सीएमओ डॉ. जितेन्द्र पाल मूलरूप से सन्त कबीरनगर जिले के रहने वाले थे। बाद में वह गोरखपुर जिले के बिछिया के मैत्रीपुरम में आकर घर बनावा लिया और वहां पर परिवार समेत रह रहे थे। बलिया जिले में उन्हें शासन ने जुलाई 2020 में सीएमओ के पद पर तैनात किया था। कोविड इलाज प्रबंधन के दौरान उन्हें कोरोना का संक्रमण हुआ था। बुखार, सांस लेने में दिक्कत पर उन्हें बलिया में भर्ती कराया गया था। हालत बिगड़ने पर लखनऊ के एसजीपीजीआई रेफर किया गया था। जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।


प्रभारी सीएमओ डॉ. हरिनन्दन प्रसाद ने बताया कि बलिया के सीएमओ डॉ. जितेन्द्र पाल की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। अचानक उनके शरीर का ऑक्सीजन का लेवल गिरने लगा था। उन्हें बेहतर इलाज के लिए एसजीपीजीआई रेफर किया गया था। वहां पहले इलाज के दौरान उनके स्वास्थ्य में कुछ सुधार हुआ था। सोमवार सुबह उनकी मौत हो गई।


डॉक्टर कर्मचारियों में दहशत


सीएमओ की मौत की सूचना मिलते ही डॉक्टर से लेकर कर्मचारी दहशत में गए हैं। उनका कहना है कि जब सीएमओ की जान जा सकती है, जब उन्हें हर तरह की सुविधाएं मुहैया थीं। ऐसे में हमारा क्या होगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उनकी हिम्मत बंधाते हुए मनोबल भी बढ़ाया।

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