Big News : सरकारी इंजीनियर कार नहीं, अब चलाएंगे साइकिल

  • बिजली विभाग के अभियंताओं को पांच किमी तक साइकिल चलाने के निर्देश
  • उपकेंद्र के पांच किलोमीटर के दायरे में चलाएंगे, निदेशक कार्मिक ने भेजा पत्र


प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ



सरकारी विभाग के इंजीनियर ड्यूटी के दौरान कार और बाइक से नहीं, बल्कि साइकिल की सवारी करेंगे। बिजली विभाग के अभियंताओं को उपकेंद्र के पांच किमी के दायरे में साइकिल चलानी पड़ेगी। उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड के निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन ने मध्यांचल एमडी के पत्र लिखकर इससे अवगत कराया है।


ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने साइकिल चलाकर उपकेंद्र पहुंच कर नजीर पेश की है। वह साइकिल से उपभोक्ताओं के घर गए और उनसे मिले। उनके द्वारा यह सिलसिला ऐसे ही आगे भी जारी रहे। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश पॉवर काॅरपोरेशन लिमिटेड के निदेशक कार्मिक एवं प्रशासन एके पुरवार ने मध्यांचल एमडी सूर्य पाल गंगवार को पत्र लिखा है। इस निर्णय से सभी अभियंताओं को भी अगवत कराते हुए अमल करने का निर्देश दिया है। इसके पीछे उद्देश्य यह है कि अवर अभियंता, उपखंड अधिकारी, अधिशासी अभियंता, अधीक्षण अभियंता या फिर मुख्य अभियंता उपकेंद्र के पांच किमी. के दायरे में विभागीय कार्य करने के लिए निकलें तो साइकिल का प्रयाेग करें। यह निर्देश पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए दिया गया है।


ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कुछ दिन पहले बंगला बाजार स्थित बिजली घर का निरीक्षण किया था। उसके बाद पूरे क्षेत्र में साइकिल चलाकर उपभोक्ताओं से मिले थे। यही नहीं नॉक द डोर कार्यक्रम के तहत उपभोक्ताओं के घर गए और बकाया जमा करने का आग्रह किया था। उन्होंने निर्देश दिए थे कि उपभोक्ताओं का कनेक्शन शुरू में न काटा जाए। पहले अभियंता साइकिल से उपभोक्ता के घर जाएं और उसके साथ चाय पीएं। ऐसा दो से तीन बार करें। उपभोक्ता पर ज्यादा बकाया होने पर पार्ट पेमेंट यानी किस्तों में बिल जमा करने की नियमानुसार छूट दे। फिर भी अगर उपभोक्ता बिल जमा नहीं करता है तो कनेक्शन काटें। साइकिल चलाने का आदेश 17 नवंबर को जारी कर दिए गए हैं।



अभियंताओं को रखनी होगी साइकिल



अभियंताओं का तर्क है कि साइकिल के लिए अलग से कोई मद नहीं है। साइकिल अभियंताओं को अपने पैसे से खरीदनी पड़ेगी। सामान्य साइकिल अब पांच से दस हजार के बीच आ रही हैं। अगर अवर अभियंता व एसडीओ साइकिल से चलेंगे तो संविदा कर्मी जिनको नियमित रूप से दस से बारह शिकायतें अटेंड करनी होती हैं। अगर साइकिल चलाएंगे तो न अभियंता लक्ष्य पूरा कर पाएंगे और न संविदा कर्मी। 

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