Murder Mystery : पति की हत्या के बाद लाश लेकर साढ़े चार घंटे सफर

उत्तर प्रदेश के बरेली का शिक्षक हत्याकांड

  • शिक्षक की हत्या आरोपी पत्नी ने पेशेवर अपराधियों को भी दी मात
प्रारब्ध न्यूज डेस्क, लखनऊ



बरेली के शिक्षक हत्याकांड में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है नई-नई जानकारी सामने आ रही हैं। विनीता उर्फ बिंदु ने शिक्षक पति अवधेश की हत्या कराने से लेकर लाश ठिकाने लगाने तक क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। अभी तक तो टीवी सीरियल एवं फिल्मों में देखते आए थे। विनीता ने उन किस्से-कहानियों से भी आगे बढ़ते हुए कारनामे किए। उसने पेशेवर अपराधियों को मात देते हुए खुद अपनी गाड़ी में पति की लाश फिरोजाबाद तक लेकर जाने का फैसला लिया।


साढ़े चार घंटे के इस सफर में अवधेश की लाश पिछली सीट पर पड़ी रही। कुछ किलोमीटर आगे दूसरी गाड़ी में चल रहा उसका भाई लगातार मोबाइल पर उसके संपर्क में रहा। उसके रास्ते में आने वाले खतराें से आगाह करने के लिए चलता रहा।


मूलरूप से फिरोजाबाद जिले के नारखा थाना क्षेत्र के भीतरी गांव निवासी अवधेश बरली जिले के सहोड़ा में कुंवर ढाकन लाल इंटर कॉलेज में हिंदी के प्रवक्ता थे। 12 अक्तूबर को उनकी पत्नी विनीता उर्फ बिंदु ने मायके वालों की मदद से हिस्ट्रीशीटर को पांच लाख रुपये में सुपारी देकर कर्मचारी नगर स्थित घर में ही उनकी हत्या करा दी थी।


फिर लाश को फिरोजाबाद ले जाकर नारखी इलाके के एक खेत में दफन कर दिया था। हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार करने के बाद सोमवार को इज्जतनगर पुलिस ने फिरोजाबाद से लाश बरामद कर हत्याकांड का खुलासा किया। विनीता मायके वालों के साथ अपने सात वर्षीय बेटे को लेकर फरार है।


तलाश में लगातार दबिश 


इज्जतनगर पुलिस उसकी तलाश में लगातार फिरोजाबाद के कस्बों और गांवों में दबिश दे रही है। विनीता के कई करीबी रिश्तेदार भी गायब हो गए हैं। इस बीच पुलिस की छानबीन में कई और हैरतअंगेज तथ्य सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अवधेश की घर में हत्या के बाद उनकी लाश ठिकाने लगाने के लिए विनीता खुद उसे अपने साथ गाड़ी में फिरोजाबाद तक ले गई थी।


लाल रंग की टीयूवी गाड़ी विनीता के भाई प्रदीप की थी जो अक्सर उसी के पास रहती थी। अवधेश की लाश गाड़ी की पिछली सीट पर पड़ी रही जबकि विनीता खुद आगे बैठी थी। उसका भाई और मायके के दूसरे लोग एक ऑल्टो गाड़ी में उससे कुछ किलोमीटर आगे चल रहे थे ताकि कहीं पुलिस पिकेट दिखे या चेकिंग हो तो फौरन पीछे लाश लेकर आ रही विनीता को खबर की जा सके।


करीब साढ़े चार घंटे के इस सफर में विनीता का मोबाइल फोन लगातार भाई के साथ कॉल पर कनेक्ट रहा। बीच में सिर्फ एक बार कॉल टूटी लेकिन तुरंत ही फिर कनेक्ट हो गई।


प्रवक्ता की हत्या में तस्वीर बिल्कुल साफ हो गई है। पत्नी व रिश्तेदारों की गिरफ्तारी से और भी राज खुल सकते हैं। बरेली पुलिस फिरोजाबाद के अधिकारियों के सहयोग से दबिशें दे रही है। 

  • रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी बरेली।

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