Lucknow: गांधी के आदर्श अपना कर दुनिया में कायम कर सकते मानवता का राज: सिराज मेंहदी

लखनऊ प्रेस क्लब में जश्न-ए-आजादी फाउंडेशन द्वारा गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर सेमिनार, सम्मान समारोह और मुशायरे का आयोजन हुआ। सिराज मेंहदी ने गांधी शांति सम्मान 2026 प्रदान किए।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ 

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर प्रेस क्लब लखनऊ में जश्न-ए-आजादी फाउंडेशन के तत्वावधान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में “गांधी जी और समाजवाद” विषय पर सेमिनार, “गांधी शांति सम्मान 2026” समारोह तथा कवि सम्मेलन-मुशायरे का आयोजन हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व, सत्य, अहिंसा, सामाजिक समरसता और समाजवाद की अवधारणा पर अपने विचार व्यक्त किए।

रामराज्य की अवधारणा पर विचार

सेमिनार में प्रमुख वक्ता देवेंद्र पाल वर्मा ने कहा कि गांधी जी के समाजवाद और आज के समाजवाद में काफी अंतर है। गांधी जी का समाजवाद केवल राजनीतिक व्यवस्था का विचार नहीं था, बल्कि वह सामाजिक समानता, आर्थिक न्याय, नैतिकता और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का मार्ग दिखाता था। उन्होंने कहा कि आज गांधी जी के समाजवादी विचारों को नई पीढ़ी और आम जनमानस से जोड़ने की सख्त आवश्यकता है।

वहीं, प्रमुख वक्ता सलाउद्दीन शिबू एडवोकेट ने कहा कि गांधी जी के समाजवाद का मूल उद्देश्य रामराज्य की स्थापना से जुड़ा था। उनके लिए रामराज्य किसी धार्मिक राज्य का नाम नहीं, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था का प्रतीक था जिसमें न्याय, समानता, नैतिकता और कमजोर व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा हो।

मानवता के प्रतीक थे महात्मा गांधी

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिराज मेंहदी ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के नेता नहीं थे, बल्कि उनका व्यक्तित्व पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने सत्य और अहिंसा को संघर्ष का हथियार बनाकर यह दिखाया कि नैतिक शक्ति के सामने बड़ी से बड़ी सत्ता को झुकाया जा सकता है। गांधी जी के पदचिह्नों पर चलकर दुनिया में राज किया जा सकता है—यह राज सत्ता का नहीं, बल्कि प्रेम, शांति, सत्य और मानवता का राज होगा।

विशिष्ट अतिथि रोहित अग्रवाल ने कहा कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता, तनाव और विभाजन के बीच गांधी जी के सत्य, अहिंसा, संवाद और आपसी सद्भाव के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। गांधी जी का जीवन हमें सिखाता है कि सामाजिक बदलाव केवल नारों से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत आचरण और नैतिक प्रतिबद्धता से संभव है।

"गांधी शांति सम्मान 2026" से सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि सिराज मेंहदी और विशिष्ट अतिथि रोहित अग्रवाल ने सेमिनार के प्रमुख वक्ताओं देवेंद्र पाल वर्मा एवं सलाउद्दीन शिबू एडवोकेट को “गांधी शांति सम्मान 2026” से सम्मानित किया।

कवि सम्मेलन व मुशायरा

सेमिनार के पश्चात आयोजित कवि सम्मेलन एवं मुशायरे ने कार्यक्रम में साहित्यिक रंग घोले। कवि और शायर मोहम्मद अली साहिल, शाहबाज तालिब, अभीश्रेष्ठ तिवारी और आदर्श गुलसिया ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया, जिसकी श्रोताओं ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।

आयोजक और उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का औपचारिक स्वागत मुर्तजा अली, अब्दुल वहीद और वामिक खान ने किया।

इस अवसर पर इंसराम अली, पी.सी. कुरील, कुदरत उल्ला खान, आमिर मुख़्तार, शहाब खान, आरिफ मुकीम, मोहम्मद सैफ़, मोहम्मद सूफियान, तौसीफ़ हुसैन, मोहम्मद सिराज बाबा और परवेज़ अख़्तर सहित कई गणमान्य नागरिक एवं विचार मंच के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का मूल संदेश यही रहा कि गांधी जी को केवल इतिहास के एक अध्याय के रूप में याद रखने के बजाय उनके सत्य, अहिंसा, सामाजिक न्याय और सद्भाव के विचारों को वर्तमान जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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