लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व विषय पर परिचर्चा हुई। मेधावी छात्राओं और शत-प्रतिशत उपस्थिति वाली 14 NCC कैडेटों को नकद पुरस्कार व प्रशस्ति चिह्न दिए गए।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
लखनऊ के राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या महाविद्यालय में दर्शनशास्त्र विभाग एवं एनसीसी विंग के संयुक्त तत्वावधान में श्रीमती महेंद्र कौर सोढ़ी स्मृति परिचर्चा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में “व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व” विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर दर्शनशास्त्र विषय में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं तथा एनसीसी कक्षाओं में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाली कैडेटों को नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रोफेसर राकेश चंद्रा, पूर्व विभागाध्यक्ष, दर्शनशास्त्र विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय तथा मुख्य अतिथि कर्नल (डॉ.) दिनेश कुमार पाठक, कमांडिंग ऑफिसर, 19 उत्तर प्रदेश गर्ल्स बटालियन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय ने की, जबकि संयोजन दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष मेजर (डॉ.) मनमीत कौर सोढ़ी ने किया। संचालन आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर संगीता कोतवाल ने किया।
दर्शनशास्त्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छात्राओं का सम्मान
लखनऊ विश्वविद्यालय की सत्र 2025-26 की सेमेस्टर परीक्षाओं में दर्शनशास्त्र विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित किया गया। सेमेस्टर चार में अनन्या तिवारी ने 92 प्रतिशत, अन्वेषा तिवारी ने 86 प्रतिशत, जिज्ञासा यादव ने 81 प्रतिशत और वैष्णवी पाठक ने 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।
इसी प्रकार सेमेस्टर तीन में आराधना ने 78 प्रतिशत, खुशी सिंह ने 76 प्रतिशत और सहरीन ने 77 प्रतिशत अंक हासिल किए। सेमेस्टर एक में लक्ष्मी राठौर ने 76 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। प्रत्येक छात्रा को एक हजार रुपये नकद पुरस्कार और प्रशस्ति चिह्न प्रदान किया गया।
शत-प्रतिशत उपस्थिति वाली 14 NCC कैडेटों को पुरस्कार
एनसीसी कक्षाओं में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने वाली 14 कैडेटों को भी सम्मानित किया गया। इनमें दीप्ति, सिद्धी यादव, बुशरा हामिद, प्रियांशी चौरसिया, प्रीति कुमारी, दिव्यांशी वर्मा, खुशी निषाद, अरुंधति यादव, प्रिया रावत, अलीशा, निधि वाजपेई, मानसी वर्मा, इला सिद्दीकी तथा रिया विश्वकर्मा शामिल रहीं।
सभी कैडेटों को भी एक-एक हजार रुपये नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति चिह्न प्रदान किया गया।
स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं : प्रो. राकेश चंद्रा
मुख्य वक्ता प्रोफेसर राकेश चंद्रा ने कहा कि दर्शन की दृष्टि से स्वतंत्रता का अर्थ स्वच्छंदता नहीं है। अपनी इच्छा के अनुसार कुछ भी कर पाना स्वतंत्रता नहीं, बल्कि अपने विवेक के आधार पर उचित चुनाव कर पाना वास्तविक स्वतंत्रता है।
उन्होंने इमैनुएल कांट के दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता का संबंध नैतिकता से है। मनुष्य तभी वास्तविक अर्थ में स्वतंत्र है, जब वह केवल अपनी इच्छाओं का दास न होकर विवेक और नैतिक नियमों के आधार पर निर्णय ले। उन्होंने कहा कि गीता का संदेश अधिकार के साथ कर्तव्य की भी याद दिलाता है। वहीं महात्मा गांधी के चिंतन में स्वराज केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि स्वयं पर शासन करने और अपने आचरण को नियंत्रित करने की क्षमता भी है।
कर्तव्य भी जरूरी : कर्नल डॉ. दिनेश कुमार पाठक
मुख्य अतिथि कर्नल (डॉ.) दिनेश कुमार पाठक ने युवाओं को अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन बेहतर जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व केवल समकालीन समाज का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन के एक मूलभूत दार्शनिक प्रश्न से जुड़ा हुआ है। मनुष्य एक स्वतंत्र चेतन प्राणी है। वह अपने विचार रखता है, जीवन से जुड़े निर्णय लेता है और अपने भविष्य का निर्माण करता है, लेकिन साथ ही वह एक सामाजिक प्राणी भी है। इसलिए उसकी स्वतंत्रता का संबंध केवल उसके अपने जीवन से नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पूरे समाज से भी जुड़ा है।
दूसरे की स्वतंत्रता व गरिमा का सम्मान जरूरी : प्राचार्या
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय ने सम्मानित छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्राओं को इसी प्रकार लक्ष्य केंद्रित होकर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने जन्मदिवस की स्मृति में छात्राओं को नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की परंपरा के लिए कार्यक्रम संयोजक मेजर (डॉ.) मनमीत कौर सोढ़ी के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए। स्वतंत्रता का वास्तविक मूल्य तभी है, जब वह दूसरे की स्वतंत्रता और गरिमा का सम्मान करे।
अधिकार और उत्तरदायित्व एक-दूसरे के विरोधी नहीं : मेजर डॉ. मनमीत कौर सोढ़ी
कार्यक्रम संयोजक एवं दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष मेजर (डॉ.) मनमीत कौर सोढ़ी ने कहा कि वर्तमान समय में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विषय और भी महत्वपूर्ण हो गया है। व्यक्ति को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, अपने करियर और जीवन-शैली के चुनाव की स्वतंत्रता तथा डिजिटल माध्यमों पर अपने विचार रखने की स्वतंत्रता प्राप्त है, लेकिन इन स्वतंत्रताओं के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि अधिकार और कर्तव्य एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। अधिकार व्यक्ति को स्वतंत्रता देते हैं, जबकि उत्तरदायित्व उस स्वतंत्रता को सही दिशा प्रदान करता है।
12 वर्षों से स्मृति समारोह का हो रहा आयोजन
कार्यक्रम संयोजक मेजर (डॉ.) मनमीत कौर सोढ़ी द्वारा अपनी माता स्वर्गीय श्रीमती महेंद्र कौर सोढ़ी के जन्मदिवस की स्मृति में यह विशेष समारोह एवं नकद पुरस्कार विगत 12 वर्षों से प्रदान किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से शैक्षणिक उपलब्धियों और अनुशासन के लिए छात्राओं एवं एनसीसी कैडेटों को प्रोत्साहित किया जाता है।
बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक व छात्राएं रहीं
कार्यक्रम में हरमीत कौर आनंद, डॉ. क्षमा तिवारी, डॉ. आभा दुबे सहित छात्राओं के अभिभावक नीलिमा तिवारी, मीता तिवारी, नीतू यादव, मीरा गुप्ता, सपना पाठक, पप्पी, पुन सिंह, खालीकुन निशा, मनोरमा देवी, इशरत फातिमा, रीता देवी, उषा देवी, आशा, संगीता वर्मा, खुशबू विश्वकर्मा, रंजीत कुमार, वीरेंद्र वर्मा, अजमेर सिंह, अनिल कुमार बाजपेई, मोहम्मद वसीम तथा सुश्री रुखसार उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रो. विनीता सिंह, प्रो. सीमा सरकार, डॉ. ऐश्वर्या सिंह, डॉ. नेहा अग्रवाल, प्रो. ज्योत्सना और नीलम समेत बड़ी संख्या में प्रवक्ताएं, छात्राएं और एनसीसी कैडेट मौजूद रहीं।








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