Farmer Registry Kanpur कानपुर में 6 अप्रैल से फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) का विशेष अभियान शुरू हो रहा है। बिना 'किसान आईडी' के नहीं मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ और न ही बिकेगा अनाज। जानें पूरी प्रक्रिया।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों को बिचौलियों के चंगुल से मुक्त करने और सरकारी सुविधाओं का लाभ सीधे उन तक पहुँचाने के लिए पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। इसी क्रम में 'फार्मर रजिस्ट्री' (Farmer Registry) अभियान को अब युद्ध स्तर पर चलाने का निर्णय लिया गया है। कानपुर जनपद के उन 29% किसानों के लिए राहत भरी खबर है, जो अब तक अपनी 'किसान आईडी' नहीं बनवा पाए हैं।
प्रशासन द्वारा 6 अप्रैल से 31 मई तक एक वृहद पंजीकरण अभियान चलाया जाएगा, जिसमें लेखपाल और पंचायत सहायक आपके गांव आकर पंजीकरण करेंगे।
क्या है 'फार्मर रजिस्ट्री' और क्यों है अनिवार्य
जैसे हर नागरिक की पहचान के लिए 'आधार कार्ड' होता है, वैसे ही अब प्रत्येक किसान की एक विशिष्ट 'किसान आईडी' तैयार की जा रही है।
इसके प्रमुख लाभ
सरकारी खरीद : बिना किसान आईडी के सरकारी क्रय केंद्रों पर अनाज बेचना संभव नहीं होगा।
सीधा लाभ (DBT) : पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और कृषि सब्सिडी का पैसा सीधे बैंक खाते में आएगा।
पारदर्शिता : बिचौलियों का हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
सुविधा : किसानों को ऋण (KCC) लेने या अन्य कृषि कार्यों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
कानपुर का स्टेटस: 29% किसान अभी बाकी
कानपुर जिले में फार्मर रजिस्ट्री के आंकड़े प्रशासन की सक्रियता को दर्शाते हैं, लेकिन अभी भी एक बड़ा हिस्सा इससे बाहर है।
कुल पीएम किसान लाभार्थी : 2,41,877
अब तक पूर्ण पंजीकरण : 1,73,580
उपलब्धि प्रतिशत : 71.76 प्रतिशत
शेष बचे किसान : लगभग 29 प्रतिशत
6 अप्रैल से गांव-गांव लगेंगे कैंप
जिलाधिकारी कानपुर नगर, जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशानुसार, 31 मई तक जिले के हर किसान को डिजिटल डेटाबेस से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
- विशेष टीमें : इस अभियान के लिए पंचायत सहायक, लेखपाल और कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी) की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं।
- मौके पर पंजीकरण : ये टीमें हर गांव में कैंप लगाएंगी और मौके पर ही किसानों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करेंगी।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
किसान भाई कैंप में जाने से पहले निम्नलिखित दस्तावेज साथ रखें।
- आधार कार्ड
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर (ओटीपी के लिए)
- खतौनी की नकल (भूमि का खसरा-खतौनी नंबर दर्ज करने हेतु)
- स्वयं : सरकारी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन।
- CSC : नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर।
- विशेष कैंप : 6 अप्रैल से आपके गांव में लगने वाले विशेष शिविरों में।
अधिकारी का संदेश
"6 अप्रैल से शुरू हो रहे इस अभियान का उद्देश्य हर पात्र किसान को सुरक्षा और सुविधा देना है। 31 मई की समय सीमा का ध्यान रखें और अपनी किसान आईडी अवश्य बनवा लें ताकि सरकारी योजनाओं में कोई बाधा न आए।"
- आरपी कुशवाहा, भूमि संरक्षण अधिकारी, कानपुर।
कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन
किसान अपनी सुविधा के अनुसार तीन तरीकों से पंजीकरण करा सकते हैं

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