Ayodhya Shree Ram Mandir: अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नवनिर्मित प्रथम पूज्य गणेश मंदिर पर गरिमामयी समारोह के बीच ध्वजारोहण किया गया। जानें कौन-कौन से अधिकारी और ट्रस्टी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, अयोध्या
राम नगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भव्य निर्माण कार्य न केवल पूर्णता की ओर अग्रसर है, बल्कि परिसर के अन्य महत्वपूर्ण मंदिरों में भी प्राण-प्रतिष्ठा और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम तेजी से जारी है। इसी कड़ी में, 11 अप्रैल को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित 'प्रथम पूज्य गणेश जी' के मंदिर पर विधि-विधान के साथ ध्वजारोहण का कार्यक्रम हुआ।
निर्माण और सुरक्षा एजेंसियों का संयुक्त प्रयास
इस अवसर की गरिमा तब और बढ़ गई जब मंदिर निर्माण में लगी देश की शीर्ष निर्माण और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने सामूहिक रूप से ध्वजारोहण किया। यह आयोजन उस समन्वय और समर्पण का प्रतीक है, जिसके साथ पिछले कई वर्षों से इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है।
ध्वजारोहण करने वाले प्रमुख व्यक्तित्व
ध्वजारोहण की रस्म निभाने वालों में निर्माण कार्य की रीढ़ मानी जाने वाली कंपनियों के अधिकारी शामिल रहे ।
L&T (लार्सन एंड टुब्रो) : परियोजना निदेशक विनोद मेहता और सुजितदास शाहा।
टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स : रमेश कुमार और परियोजना निदेशक विनोद शुक्ला।
सुरक्षा बल : एसपी सुरक्षा बलरामाचारी और विनय सिंह।
ट्रस्ट और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस पावन अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा विशेष रूप से मौजूद रहे। व्यवस्था प्रबंधन देख रहे गोपाल नागरकट्टे सहित कई अन्य गणमान्य लोगों और श्रद्धालुओं ने जय श्री गणेश और जय श्री राम के जयकारों के साथ आकाश को गुंजायमान कर दिया।
धार्मिक महत्व और संदेश
सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से होती है। राम मंदिर परिसर में गणेश मंदिर पर ध्वज का फहराया जाना इस बात का संकेत है कि संपूर्ण मंदिर परिसर अब अपने पूर्ण वैभव को प्राप्त कर रहा है। ध्वजारोहण को विजय, आस्था और संकल्प की सिद्धि के रूप में देखा जा रहा है।
मंदिर सिर्फ ढांचा नहीं, लोगों की आस्था का जीवंत केंद्र
अयोध्या में रामलला के दर्शन के साथ-साथ अब श्रद्धालु परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों की भव्यता के भी साक्षी बन रहे हैं। निर्माण एजेंसियों और सुरक्षा बलों का इस धार्मिक कार्य में सक्रिय सहयोग यह दर्शाता है कि अयोध्या का यह प्रोजेक्ट केवल एक ढांचागत निर्माण नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का जीवंत केंद्र है।







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