Asha Bhosle Passes Away : दिग्गज गायिका आशा भोंसले का 92 वर्ष की आयु में निधन, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में ली अंतिम सांस

Legendary Singer Asha Bhosle Dies: स्वर कोकिला आशा भोंसले का मुंबई में निधन। 92 वर्ष की आयु में उन्होंने ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। पढ़ें उनके स्वास्थ्य और निधन से जुड़ी पूरी रिपोर्ट।

सुरों की मल्लिका आशा भोंसले का 92 वर्ष की आयु में निधन, संगीत जगत में शोक की लहर

प्रारब्ध न्यूज डेस्क, लखनऊ/मुंबई

Asha Bhosle Death भारतीय संगीत की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। अपनी जादुई आवाज़ से दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोंसले (Asha Bhosle) का निधन हो गया है। 92 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली।

अस्पताल में थीं भर्ती

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आशा ताई पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रही थीं। शनिवार, 11 अप्रैल की रात को हालत बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत ब्रीच कैंडी अस्पताल ले जाया गया था। शुरुआती खबरों में उन्हें 'हार्ट अटैक' आने की बात कही गई थी, लेकिन उस वक्त उनकी पोती जनाई भोंसले ने इन खबरों का खंडन किया था। जनाई ने बताया था कि उन्हें सीने में संक्रमण (Chest Infection) और अत्यधिक थकान की शिकायत थी, जिसके चलते उन्हें आईसीयू (ICU) में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया था।

बेटे आनंद भोंसले ने की पुष्टि

'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि उनकी स्थिति पिछले कुछ महीनों से नाजुक बनी हुई थी। अंततः इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। उनके बेटे आनंद भोंसले ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की है। इस खबर के सामने आते ही बॉलीवुड और संगीत जगत सहित पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

एक युग का अंत

आशा भोंसले का जाना केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि भारतीय संगीत के एक स्वर्ण युग का अंत है। उन्होंने 1943 में अपना करियर शुरू किया था और अपने सात दशक से लंबे करियर में 12,000 से अधिक गाने गाए। शास्त्रीय संगीत से लेकर पॉप और कैबरे गानों तक, उनकी आवाज की विविधता अद्वितीय थी।

मुख्य जानकारी

निधन की आयु : 92 वर्ष

स्थान : ब्रीच कैंडी अस्पताल, मुंबई

भर्ती होने का कारण : सीने में संक्रमण और थकान

पुष्टि: बेटे आनंद भोंसले द्वारा

संगीत प्रेमियों को हमेशा खलेगी कमी

आशा भोंसले को उनके योगदान के लिए 'दादा साहब फाल्के पुरस्कार' और 'पद्म विभूषण' जैसे सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा जा चुका था। उनकी कमी संगीत प्रेमियों को हमेशा खलेगी।

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