Prostate Enlargement Symptoms and Remedies : क्या आप बार-बार पेशाब आने से परेशान हैं? प्रोस्टेट बढ़ना (BPH) पुरुषों की एक आम समस्या है। जानें इसके कारण, लक्षण और प्रभावी आयुर्वेदिक व घरेलू समाधान जिससे आप अपनी लाइफस्टाइल सुधार सकते हैं।
प्रारब्ध न्यूज डेस्क, लखनऊ
बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनमें से एक मुख्य समस्या है प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना, जिसे मेडिकल भाषा में Benign Prostatic Hyperplasia (BPH) कहा जाता है। अक्सर पुरुष शर्म या संकोच के कारण इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर किडनी और मूत्राशय (Bladder) के लिए घातक हो सकता है। इसके कारण, लक्षण और निदान पर कानपुर के पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी व वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. निरंकार गोयल से बातचीत हुई है, जिसके आधार पर खबर लिखी गई है।
प्रोस्टेट क्या है और यह क्यों बढ़ता है
प्रोस्टेट एक छोटी ग्रंथि होती है जो केवल पुरुषों में पाई जाती है और यह मूत्राशय के ठीक नीचे स्थित होती है। उम्र बढ़ने (विशेषकर 50 के बाद) के साथ इसका आकार बढ़ना सामान्य है, लेकिन गलत जीवनशैली और खान-पान इसे समय से पहले बढ़ा सकते हैं।
इसके ये हैं मुख्य कारण
हार्मोनल बदलाव : उम्र के साथ टेस्टोस्टेरोन के स्तर में बदलाव।
शारीरिक निष्क्रियता : लंबे समय तक एक जगह बैठकर काम करना।
मोटापा : खराब मेटाबॉलिज्म और पाचन क्रिया।
आहार : अधिक तला-भुना, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड का सेवन।
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज (Symptom Alert)
अगर आपको नीचे दिए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो सावधान हो जाएं।
1. बार-बार पेशाब महसूस होना (विशेषकर रात के समय)।
2. पेशाब शुरू करने में कठिनाई या देरी होना।
3. पेशाब की धार का कमजोर होना या बीच-बीच में रुकना।
4. पेशाब करने के बाद भी ऐसा लगना कि मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हुआ है।
5. पेशाब के दौरान जलन या असहजता।
आयुर्वेदिक उपचार और घरेलू उपाय
आयुर्वेद में प्रोस्टेट की समस्या को 'वात' और 'कफ' के असंतुलन से जोड़कर देखा जाता है। इसे नियंत्रित करने के लिए कुछ प्रभावी उपाय हैं।
कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds) : इनमें जिंक भरपूर मात्रा में होता है, जो प्रोस्टेट के आकार को नियंत्रित करने में सहायक है।
आंवला रस : प्रतिदिन ताजे आंवले का रस पीने से सूजन कम होती है।
त्रिफला : रात में गुनगुने पानी के साथ त्रिफला चूर्ण का सेवन पाचन और उत्सर्जन तंत्र को सुधारता है।
गोक्षुर (Gokshura) और वरुण (Varuna) : ये दोनों जड़ी-बूटियाँ मूत्र मार्ग के अवरोध को दूर करने के लिए रामबाण मानी जाती हैं।
चंद्रप्रभा वटी और शिलाजीत : विशेषज्ञ की सलाह पर इनका सेवन शक्ति बढ़ाने और ग्रंथियों की सूजन कम करने में मददगार है।
जीवनशैली में बदलाव, जो सबसे जरूरी
सिर्फ दवाएं काफी नहीं हैं, आपको अपनी आदतों में भी सुधार करना होगा।
योग का सहारा लें : वज्रासन और मंडूकासन प्रोस्टेट स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम हैं।
रात का आहार : रात में हल्का भोजन करें और सोने से 2-3 घंटे पहले पानी का सेवन कम कर दें।
गतिशीलता : हर एक घंटे के बैठने के बाद 5 मिनट टहलें।
आहार में सुधार : हरी सब्जियां, फाइबर युक्त भोजन (जैसे सेब, अनार) बढ़ाएं और चीनी व नमक का सेवन कम करें।
ऐसा होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं
अगर पेशाब पूरी तरह से रुक जाए, बहुत अधिक दर्द हो या पेशाब में खून आए, तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर या यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें। देरी करना खतरनाक हो सकता है।
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