Lucknow : नवयुग कन्या महाविद्यालय में मनाया गया इंटरनेशनल डे ऑफ हैप्पीनेस, स्टैंड-अप कॉमेडी और सेमिनार

Navyug Kanya Mahavidyalaya Happiness Day Celebration : लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय में 'Happiness through Humor' विषय पर सेमिनार और स्टैंड-अप कॉमेडी प्रतियोगिता आयोजित की गई। जानें विजेताओं के नाम और विशेषज्ञों की राय।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ 

राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग 'अभिव्यक्ति' द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस (20 मार्च) के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “ह्यूमर के जरिए खुशहाली: सकारात्मक मनोविज्ञान का एक परिप्रेक्ष्य” विषय पर आधारित इस सेमिनार और स्टैंड-अप कॉमेडी प्रतियोगिता ने छात्राओं को जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने की नई राह दिखाई।

कार्यक्रम का शुभारंभ और अतिथियों का स्वागत

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। मुख्य अतिथि के रूप में पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की सहायक प्रोफेसर श्रीमती ममता अंबुजानी उपस्थित रहीं। विभागाध्यक्ष (अर्थशास्त्र) प्रो. शर्मिता नंदी और मनोविज्ञान विभाग की डॉ. सोनल अग्रवाल ने उन्हें पौधा और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

सकारात्मक मनोविज्ञान और हास्य का महत्व

श्रीमती ममता अंबुजानी ने कहा कि पॉजिटिव साइकोलॉजी के अनुसार, हास्य न केवल तनाव कम करता है बल्कि भावनात्मक स्वास्थ्य को भी मजबूती प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि स्वस्थ हास्य चुनौतियों को नए नजरिए से देखने में मदद करता है। यह धैर्य, लचीलापन (Resilience) और आपसी संबंधों को बेहतर बनाता है। जीवन को बहुत गंभीरता से लेने के बजाय मुस्कुराकर जीने से संतुलन बना रहता है।

स्टैंड-अप कॉमेडी में छात्राओं ने बिखेरे जलवे

कार्यक्रम के दूसरे चरण में आयोजित स्टैंड-अप कॉमेडी प्रतियोगिता में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। निर्णायक मंडल में प्रो. अंबिका बाजपेई (प्राचीन भारतीय इतिहास) और प्रो. विनीता सिंह (समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष) शामिल रहीं।

प्रतियोगिता के परिणाम

प्रथम पुरस्कार : शाम्भवी गुप्ता

द्वितीय पुरस्कार : कृषिका, अरुंधति और स्नेहा दीक्षित

तृतीय पुरस्कार : सृष्टि मिश्रा

सांत्वना पुरस्कार : सुरभि यादव एवं अन्य।

हास्य एक अनिवार्य 'लाइफ स्किल' : प्राचार्य 

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि हास्य एक महत्वपूर्ण 'लाइफ स्किल' है जिसे सचेत रूप से विकसित करना चाहिए। यह न केवल व्यक्तिगत कल्याण को बढ़ाता है बल्कि जीवन की बाधाओं का सामना करने की शक्ति भी देता है। कार्यक्रम का समापन सामूहिक 'वन्दे मातरम' के गायन के साथ हुआ।

आयोजन में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

इस सफल आयोजन का संचालन डॉ. सोनल अग्रवाल, डॉ. गगन प्रीत कौर, डॉ. सुकन्या तिवारी और सुश्री सुचिता सिंह ने किया। कार्यक्रम में प्रो. संगीता कोतवाल, प्रो. निन्नी कक्कड़, प्रो. सीमा सरकार सहित कॉलेज के अन्य वरिष्ठ शिक्षक और भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

Post a Comment

0 Comments