लखनऊ में डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट द्वारा आयोजित सेमिनार में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि वैश्विक संघर्षों के बीच बुद्ध का शांति संदेश ही मानवता की रक्षा का एकमात्र मार्ग है।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने वैश्विक संघर्षों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में दुनिया को युद्ध की नहीं, बल्कि भगवान बुद्ध के शांति और करुणा के संदेश की नितांत आवश्यकता है। वे मंगलवार को लखनऊ के उद्यान भवन सभागार में डॉ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट द्वारा आयोजित सेमिनार ‘‘विश्व युद्ध के खतरे और बुद्ध की प्रासंगिकता’’ में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
सनातन परंपरा और 'वसुधैव कुटुम्बकम' पर जोर
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत 'वसुधैव कुटुम्बकम' (पूरी दुनिया एक परिवार है) की अवधारणा में विश्वास रखता है। हमारी परंपरा में प्रकृति, पशु और पक्षियों में भी ईश्वर का वास माना जाता है। पीपल और बरगद जैसे वृक्षों की पूजा और उनकी रक्षा का संकल्प हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
उन्होंने आगे कहा कि आज दुनिया में जो अशांति का माहौल है, वह बेहद चिंताजनक है। मानवता की रक्षा के लिए भारत को नेतृत्व करना होगा क्योंकि शांति का यह मार्ग इसी पावन भूमि से पूरी दुनिया में फैला है।
विश्व युद्ध की आहट और गहराता संकट
सेमिनार में आधार पत्र प्रस्तुत करते हुए पूर्व राज्यमंत्री एवं विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने वैश्विक भू-राजनीतिक संकटों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया इस वक्त 'विश्व युद्ध के मुहाने' पर खड़ी है।
प्रमुख वैश्विक खतरे
रूस-यूक्रेन युद्ध : लंबे समय से जारी संघर्ष।
मध्य पूर्व तनाव : इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता टकराव।
एशियाई संकट : चीन और ताइवान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव।
परमाणु हथियार : न्यू स्टार्ट संधि समाप्त होने से अमेरिका और रूस के बीच हथियारों की होड़ और बढ़ता परमाणु स्टॉक।
आर्थिक और पर्यावरणीय दुष्परिणाम
डॉ. निर्मल ने आगाह किया कि यदि युद्ध भड़का, तो इसके परिणाम पिछली बार से कहीं अधिक विनाशकारी होंगे।
आर्थिक मंदी : वैश्विक सप्लाई चेन टूटेगी, तेल की कीमतें बढ़ेंगी और शेयर बाजार क्रैश होंगे।
मानवीय संकट : बड़ी आबादी के साथ-साथ जलवायु और वन्यजीवों पर अस्तित्व का संकट मंडराएगा।
समाधान : उन्होंने बुद्ध के उस संदेश को दोहराया जिसमें कहा गया है कि "वैर से वैर शांत नहीं होता, बल्कि प्रेम और मैत्री से ही शांति संभव है।"
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक कद की सराहना की। डॉ. निर्मल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी आज विश्व के सर्वमान्य नेता हैं। अब समय आ गया है कि 'युद्ध नहीं, बुद्ध' के उनके संकल्प को वैश्विक स्तर पर प्रसारित किया जाए।
सेमिनार में इन गणमान्यों ने रखे विचार
इस सेमिनार में कई प्रमुख हस्तियों ने अपने विचार साझा किए, जिनमें महू के डॉ. आंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. आरएस कुरील, सूचना आयुक्त दिलीप अग्निहोत्री, लखनऊ के लोकपाल आरआर जैसवार, वरिष्ठ पत्रकार संतोष वाल्मिकी, डिक्की (DICCI) उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मनीष वर्मा ने अपने विचार रखे।
सेमिनार में इनकी रही उपस्थिति
सेमिनार की अध्यक्षता डाॅ. आंबेडकर महासभा ट्रस्ट के अध्यक्ष डाॅ. लालजी प्रसाद निर्मल तथा संचालन प्रमोद कुमार ने किया। इस अवसर पर ट्रस्ट के पदाधिकारी अमरनाथ प्रजापति, रामचन्द्र पटेल, डाॅ. सत्या दोहरे, आरडी राकेश, आईडी यादव, पीएल भारती, करूणा शंकर त्रिपाठी, राघवेन्द्र सिंह, देवमणि सरोज, दिनेश चन्द्र, विजय बाजपेयी सहित सैकड़ों की संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
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