Ayodhya : श्रीराम जन्मभूमि परिसर में ध्वजारोहण, नवरात्रि अष्टमी पर सूर्य मंदिर में फहराया गया 'ऊं' अंकित ध्वज

अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित सूर्य मंदिर पर नवरात्रि अष्टमी के पावन अवसर पर विधि-विधान से ध्वजारोहण किया गया। जानें ध्वज की माप और उपस्थित संतों के बारे में।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर स्थित सूर्य मंदिर में विधि-विधान से साधु-संत की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया गया।

श्रीराम जन्मभूमि परिसर स्थित सूर्य मंदिर पर ध्वजारोहण, संतों की उपस्थिति में गूंजे जयकारे

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, अयोध्या

चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि के पावन अवसर पर अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में एक विशेष आध्यात्मिक उत्सव का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर के परकोटा स्थित सूर्य मंदिर के शिखर पर पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भव्य ध्वज का आरोहण किया गया। भगवा रंग का यह नूतन ध्वज अब श्रीराम जन्मभूमि की भव्यता में चार चाँद लगा रहा है।

ध्वज की विशेषताएँ और माप

इस ध्वजारोहण में शास्त्रोक्त नियमों और वास्तु का विशेष ध्यान रखा गया है। मंदिर के प्रवेश द्वार से बाईं ओर, परकोटा के नैऋत्य कोण (South-West corner) पर स्थित सूर्य मंदिर के लिए विशेष माप का ध्वज तैयार किया गया था।

ध्वज दंड की ऊंचाई : 19 फीट 7 इंच

ध्वज की लंबाई (लहर) : 9 फीट 3 इंच

ध्वज की चौड़ाई (लपेट) : 4 फीट 7 इंच

प्रतीक चिन्ह : गहरे भगवा रंग के इस ध्वज पर पवित्र 'ऊं' अंकित है, जो सनातन धर्म की सात्विकता और ऊर्जा का प्रतीक है।

प्रमुख संतों व अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस पावन अनुष्ठान का नेतृत्व अयोध्या के प्रतिष्ठित संतों और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। समारोह में मुख्य रूप से महंत वैदेही वल्लभ शरण जी महाराज (बावन जी मंदिर), महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य जी महाराज (दशरथ महल), जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीधराचार्य जी महाराज (अशर्फी भवन), स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज (कोषाध्यक्ष, तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट), महंत रामचरणदास जी (रंग महल), महंत रामानुजशरण ब्रह्मचारी जी (सीताकांत सदन) शामिल रहे। इनके अतिरिक्त, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल नागरकट्टे, एसपी सुरक्षा (राम जन्मभूमि) बलरामाचारी दुबे, राजकुमार दास, अधिकारी राम वल्लभा कुंज, जगदीश आफले और तीर्थ क्षेत्र भवन सह-प्रभारी प्रद्युम्न सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

ध्वज फहराना शक्ति व प्रकाश के मिलन का प्रतीक

अयोध्या में बन रहे भव्य मंदिर के परकोटा में पांच मुख्य देवताओं के मंदिर स्थापित किए गए हैं, जिनमें सूर्य देव का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। नवरात्रि अष्टमी के दिन सूर्य मंदिर पर ध्वज फहराना शक्ति और प्रकाश के मिलन का प्रतीक माना जाता है। भक्तों के लिए यह दृश्य भावुक कर देने वाला था, जब मंत्रोच्चार के बीच भगवा ध्वज आकाश में लहराया।

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