अखिलेश यादव का मिशन 2027 : सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दादरी की 'भाईचारा रैली' से 2027 विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंका। उन्होंने वादा किया कि सपा सरकार बनने पर 'नारी समृद्धि योजना' के तहत महिलाओं को ₹40,000 सालाना मिलेंगे और अग्निवीर योजना को हमेशा के लिए बंद किया जाएगा।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, दादरी (गौतम बुद्ध नगर)
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार (29 मार्च, 2026) को दादरी में आयोजित 'भाईचारा रैली' के जरिए आगामी चुनावों का शंखनाद कर दिया। इस दौरान अखिलेश यादव ने युवाओं और महिलाओं को साधने के लिए अब तक के सबसे बड़े चुनावी वादों का ऐलान किया।
महिलाओं के लिए 'नारी समृद्धि योजना': 40,000 रुपये सालाना की मदद
अखिलेश यादव ने महिला मतदाताओं को अपनी ओर खींचने के लिए एक बड़ा 'मास्टरस्ट्रोक' खेला है। उन्होंने घोषणा की कि यदि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 'नारी समृद्धि योजना' (या स्त्री सम्मान योजना) शुरू की जाएगी।
इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला को 40,000 रुपये सालाना की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी।
सपा प्रमुख ने कहा कि पूर्व की सपा सरकार में शुरू की गई समाजवादी पेंशन (500 रुपये प्रति माह) को इस नए और विस्तृत स्वरूप में पेश किया जाएगा।
'अग्निवीर योजना' को बंद करने का संकल्प
युवाओं और सेना की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के मुद्दों को उठाते हुए अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की 'अग्निवीर योजना' पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा:
"समाजवादी सरकार आते ही हम उत्तर प्रदेश में अग्निवीर योजना को हमेशा के लिए खत्म कर देंगे। हम फौज में पक्की और स्थाई भर्ती की व्यवस्था को फिर से बहाल करेंगे ताकि हमारे युवाओं का भविष्य और देश की सीमाएं सुरक्षित रहें।"
युवाओं को प्रशिक्षण और नए रोजगार के अवसर
अखिलेश यादव ने रैली में बेरोजगारी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य युवाओं को केवल आश्वासन देना नहीं बल्कि उन्हें सक्षम बनाना होगा। उन्होंने वादा किया है।
प्रदेश के युवाओं के लिए अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र (Skill Hubs) स्थापित किए जाएंगे।
आईटी और विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए विशेष नीतियां बनाई जाएंगी।
पेपर लीक जैसी समस्याओं को जड़ से खत्म कर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
पश्चिमी यूपी से चुनावी अभियान की शुरुआत क्यों
दादरी की इस रैली को मिशन 2027 के लिए सपा का 'लॉन्च पैड' माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिमी यूपी की 136 विधानसभा सीटों को साधने के लिए अखिलेश यादव ने 'भाईचारा रैली' को चुना है। यहाँ उनका फोकस 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण के साथ-साथ किसानों और युवाओं को जोड़ने पर है।
क्या होगा वर्ष 2027 का राजनीतिक समीकरण
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में जनता से सीधा सवाल किया कि "क्या आप इस बार बदलाव के लिए तैयार हैं?" उन्होंने दावा किया कि 2027 में जनता भाजपा को उखाड़ फेंकेगी और समाजवादी सरकार ही प्रदेश में असली विकास और भाईचारा लाएगी।
लोकलुभावन वादों से यूपी की राजनीति में नई बहस छेड़ी
महिलाओं के लिए 40,000 रुपये की बड़ी राशि और अग्निवीर योजना को बंद करने का वादा निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ देगा। अब देखना यह है कि सत्ताधारी दल भाजपा इन लोकलुभावन वादों का क्या काट निकालती है।
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