Lucknow : UP Assembly; "डिजिटल इंडिया" के दौर में पिछड़ रही शिक्षा, आराधना मिश्रा 'मोना' ने गिनाए सरकारी स्कूलों की बदहाली के आंकड़े

यूपी विधानसभा में कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने गिरती शिक्षा गुणवत्ता, शिक्षकों की कमी और मनरेगा प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

यूपी विधानसभा में गूंजा शिक्षा व लाठीचार्ज का मुद्दा, आराधना मिश्रा 'मोना' ने योगी सरकार को घेरा

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने शिक्षा की गिरती गुणवत्ता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर योगी सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने सरकार के 'डिजिटल इंडिया' के नारों को जमीनी हकीकत से दूर बताते हुए इसे भाजपा का "तानाशाही रवैया" करार दिया।

शिक्षा बजट पर उठाए सवाल, पड़ोसी राज्यों से पीछे यूपी

नियम 56 के तहत सदन में चर्चा करते हुए आराधना मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में शिक्षा के प्रति सरकार की प्राथमिकता शून्य है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि दिल्ली और बिहार जैसे राज्य अपने बजट का 20% से अधिक शिक्षा पर खर्च कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में यह आवंटन मात्र 12% प्रस्तावित है। बजट आवंटन के मामले में उत्तर प्रदेश देश में नीचे से दूसरे स्थान पर है।

ASER 2024 रिपोर्ट : शिक्षा की गुणवत्ता पर 'पोल खोल' आंकड़े

मोना ने एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (ASER) 2024 के चौंकाने वाले आंकड़े सदन में रखे। कहा, कक्षा 5 के 50% बच्चे कक्षा 2 की हिंदी की किताब नहीं पढ़ पाते। कक्षा 8 के 45% छात्र भाग (Division) करने में असमर्थ हैं। 26% छात्र 11 से 99 तक की संख्या की पहचान तक नहीं कर पाते। उन्होंने सवाल किया कि जब बुनियादी शिक्षा ही गायब है, तो प्रदेश "विकसित" कैसे बनेगा।

शिक्षकों की भारी कमी और बंद होते स्कूल

कांग्रेस नेता ने शिक्षक भर्ती के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में करीब 9,508 स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।

बेसिक शिक्षा में रिक्त पद : बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के 46,944 पद खाली हैं।

भर्ती का अभाव : वर्ष 2016 के बाद से गणित और विज्ञान शिक्षकों की कोई नई सीधी भर्ती नहीं हुई है।

स्कूलों का विलय : पिछले 6 वर्षों में करीब 36,000 सरकारी प्राइमरी स्कूलों को बंद या मर्ज कर दिया गया है, जो बढ़ती जनसंख्या के बीच चिंताजनक है।

डिजिटल शिक्षा की विफलता

स्मार्ट स्कूल और डिजिटल लर्निंग के दावों पर निशाना साधते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग 79% स्कूल आज भी डिजिटल शिक्षा से दूर हैं। प्रदेश के लाखों स्कूलों में से केवल 37,498 में लैपटॉप और सीमित संख्या में ही वर्किंग कंप्यूटर उपलब्ध हैं।

लाठीचार्ज को बताया अलोकतांत्रिक

मनरेगा बचाने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए आराधना मिश्रा ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया। उन्होंने कहा, "ग्रामीणों की जीवनरेखा 'मनरेगा' को भाजपा खत्म करना चाहती है। शांतिपूर्ण विरोध करना हमारा संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार ने लाठीचार्ज कर तानाशाही दिखाई है।" उन्होंने दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।

प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं

आराधना मिश्रा 'मोना' ने स्पष्ट किया कि बिना ईमानदार नियत और पर्याप्त बजट के उत्तर प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता। उन्होंने योगी सरकार से निजी स्कूलों की बढ़ती फीस पर लगाम लगाने व शिक्षकों के रिक्त पदों को तुरंत भरने की मांग की है।

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