दिनांक : 26 फरवरी 2026
दिन : बृहस्पतिवार
विक्रम संवत् : 2082
अयन : उत्तरायण
ऋतु : वसंत
मास : फाल्गुन
पक्ष : शुक्ल
तिथि : दशमी रात्रि 12:33 बजे तक
नक्षत्र : मृगशिरा दोपहर 12:11 बजे तक तत्पश्चात आर्द्रा
योग : प्रीति रात्रि 10:33 बजे तक
करण : तैतिल दोपहर 01:36 बजे तक तत्पश्चात गर
राहुकाल : दोपहर 01:48 बजे से 03:15 बजे तक
सूर्योदय : प्रातः 06:35 बजे
सूर्यास्त : संध्या 06:08 बजे
दिशा शूल : दक्षिण दिशा में
ब्रह्ममुहूर्त : प्रातः 04:57 बजे से प्रातः 05:47 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:01 बजे से 12:45 बजे तक
निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:56 बजे से रात्रि 12:48 बजे तक
सूर्य राशि : कुम्भ
चंद्रमा राशि : मिथुन
बृहस्पति राशि : मिथुन
व्रत पर्व विवरण : कोई खास नहीं।
आचार्य आदित्य वशिष्ठ
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होलिका दहन
फाल्गुन मास की पूर्णिमा को किए गए उपाय बहुत जल्दी शुभ फल प्रदान करते हैं। आज हम आपको होली पर किए जाने वाले कुछ साधारण उपाय बता रहे हैं। ये उपाय इस प्रकार हैं।
धन लाभ का उपाय
होलिका दहन से पहले जब गड्ढा खोदें, तो सबसे पहले उसमें थोड़ी चांदी, पीतल व लोहा दबा दें। यह तीनों धातु सिर्फ इतनी मात्रा में होनी चाहिए, जिससे आपकी मध्यमा उंगली के नाप का छल्ला बन सके। इसके बाद विधि-विधान से दाण्डा रोपे। जब आप होलिका पूजन को जाएं, तो पान के एक पत्ते पर कपूर, थोड़ी-सी हवन सामग्री, शुद्ध घी में डुबोया लौंग का जोड़ा तथा बताशे रखें।
दूसरे पान के पत्ते से उस पत्ते को ढक दें और 7 बार होलिका की परिक्रमा करते हुए
'ऊं नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करें। परिक्रमा समाप्त होने पर सारी सामग्री होलिका में अर्पित कर दें। पूजन के बाद प्रणाम करके घर वापस आ जाएं। अगले दिन पान के पत्ते वाली सारी नई सामग्री ले जाकर पुन: यही क्रिया करें। जो धातुएं आपने दबाई हैं, उनको निकाल लाएं। फिर किसी सुनार से तीनों धातुओं को मिलाकर अपनी मध्यमा उंगली के माप का छल्ला बनवा लें। 15 दिन बाद आने वाले शुक्ल पक्ष के गुरुवार को छल्ला धारण कर लें। इस उपाय से धन लाभ के योग बन सकते हैं।
ग्रहों की शांति के लिए उपाय
होलिका दहन की रात उत्तर दिशा में बाजोट (पटिए) पर सफेद कपड़ा बिछाकर उस पर मूंग, चने की दाल, चावल, गेहूं, मसूर, काले उड़द एवं तिल की ढेरी बनाएं। अब उस पर नवग्रह यंत्र स्थापित करें। उस पर केसर का तिलक करें, घी का दीपक लगाएं एवं नीचे लिखे मंत्र का जप करें। जप स्फटिक की माला से करें। जप पूरा होने पर यंत्र को पूजा स्थान पर स्थापित करें, ग्रह अनुकूल होने लगेंगे।
मंत्र - ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरान्तकारी भानु शशि भूमि-सुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव: सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु।।
बिजनेस में सक्सेस पाने का उपाय
एकाक्षी नारियल को लाल कपड़े में गेहूं के आसन पर स्थापित करें और सिंदूर का तिलक करें। अब मूंगे की माला से नीचे लिखे मंत्र का जप करें। 21 माला जप होने पर इस पोटली को दुकान में ऐसे स्थान पर टांग दें, जहां ग्राहकों की नजर इस पर पड़ती रहे। इससे व्यापार में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं।
मंत्र - ऊं श्रीं श्रीं श्रीं परम सिद्धि व्यापार वृद्धि नम:।
शीघ्र विवाह के लिए उपाय
होली की सुबह एक साबूत पान पर साबुत सुपारी एवं हल्दी की गांठ शिवलिंग पर चढ़ाएं तथा पीछे पलटे बगैर अपने घर आ जाएं। यही प्रयोग अगले दिन भी करें। जल्दी ही आपके विवाह के योग बन सकते हैं।
रोग नाश के लिए उपाय
अगर आप किसी बीमारी से परेशान हैं, तो इसके लिए भी होली की रात को खास उपाय करने से आपकी बीमारी दूर हो सकती है। होली की रात आप नीचे लिखे मंत्र का जाप तुलसी की माला से करें। इससे आपकी परेशानी दूर हो सकती है।
मंत्र - ऊं नमो भगवते रुद्राय मृतार्क मध्ये संस्थिताय मम शरीरं अमृतं कुरु कुरु स्वाहा
धन लाभ के लिए उपाय
होली की रात चंद्रमा के उदय होने के बाद अपने घर की छत पर या खुली जगह, जहां से चांद नजर आए, वहां खड़े हो जाएं। फिर चंद्रमा का स्मरण करते हुए चांदी की प्लेट में सूखे छुहारे तथा कुछ मखाने रखकर शुद्ध घी के दीपक के साथ धूप एवं अगरबत्ती अर्पित करें। अब दूध से चंद्रमा को अर्ध्य दें। अर्ध्य के बाद सफेद मिठाई तथा केसर मिश्रित साबूदाने की खीर अर्पित करें। चंद्रमा से समृद्धि प्रदान करने का निवेदन करें। बाद में प्रसाद और मखानों को बच्चों में बांट दें। फिर लगातार आने वाली प्रत्येक पूर्णिमा की रात चंद्रमा को दूध का अर्ध्य दें। कुछ ही दिनों में आप महसूस करेंगे कि आर्थिक संकट दूर होकर समृद्धि निरंतर बढ़ रही है।
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