दिनांक ; 10 फरवरी 2026
दिन : मंगलवार
विक्रम संवत् : 2082
अयन : उत्तरायण
ऋतु : शिशिर
मास : फाल्गुन
पक्ष : कृष्ण
तिथि - अष्टमी प्रातः 07:27 बजे तक तत्पश्चात् नवमी
नक्षत्र : विशाखा प्रातः 07:55 बजे तक अनुराधा
योग : ध्रुव रात्रि 01:42 बजे फरवरी 11 तत्पश्चात् व्याघात
करण : कौलव प्रातः 07:27 बजे तक तत्पश्चात तैतिल
राहुकाल : दोपहर 03:31 बजे से शाम 04:55 बजे तक
पंचक की स्थिति : 10 फरवरी 2026 को पंचक नहीं है। फरवरी महीने में पंचक की तिथियां
पंचक प्रारंभ: 17 फरवरी 2026, मंगलवार को सुबह 09:05 बजे से।
पंचक समाप्त : 21 फरवरी 2026, शनिवार को शाम 07:07 बजे पर।
विशेष : 17 फरवरी से शुरू होने वाले इन पंचकों को 'अग्नि पंचक' कहा जाएगा, क्योंकि ये मंगलवार से प्रारंभ हो रहे हैं।
सूर्योदय : प्रातः 06:49 बजे
सूर्यास्त : संध्या 05:57 बजे
दिशा शूल : उत्तर दिशा में
ब्रह्ममुहूर्त : प्रातः 05:06 बजे से प्रातः 05:57 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:01 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:57 बजे फरवरी 10 से रात्रि 12:48 बजे फरवरी 10 तक
सूर्य राशि : मकर
चंद्र राशि : वृश्चिक
बृहस्पति राशि : मिथुन
व्रत पर्व विवरण : जानकी जयंती/सीता अष्टमी (समापन): अष्टमी तिथि 10 फरवरी की सुबह 07:27 पर समाप्त हो रही है, इसलिए उदयातिथि के अनुसार व्रत और मुख्य पूजा 9 फरवरी को मनाई गई। आज सुबह इस व्रत का पारण और समापन किया जा सकता है।
मंगलवार व्रत : यह दिन हनुमान जी की पूजा के लिए समर्पित है। आज के दिन हनुमान चालीसा का पाठ और सुंदरकांड का वाचन अत्यंत फलदायी माना जाता है।
आचार्य आदित्य वशिष्ठ
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