पीएम गतिशक्ति योजना के तहत मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच 518 किमी लंबे रेल कॉरिडोर को मंजूरी मिली है। इटारसी-मानिकपुर तीसरी लाइन से जबलपुर, सतना और चित्रकूट समेत कई जिलों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
प्रारब्ध न्यूज डेस्क, लखनऊ
पीएम गतिशक्ति योजना (PM Gatishakti Yojana) के तहत बुनियादी ढांचे के विकास को नई रफ्तार मिलने वाली है। हाल ही में हुई नेटवर्क योजना समूह (NPG) की समीक्षा बैठक में मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर मुहर लगाई गई है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य उत्तर और मध्य भारत के बीच रेल यातायात को सुगम बनाना और माल ढुलाई की क्षमता को बढ़ाना है।
518 किमी लंबा होगा यह नया रेल कॉरिडोर
रेल मंत्रालय ने मानिकपुर और इटारसी के बीच 518.532 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन के निर्माण का प्रस्ताव रखा है। यह कॉरिडोर न केवल यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी कम करेगा, बल्कि औद्योगिक गलियारे के रूप में भी उभरेगा।
इन प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगी लाइन
यह रेल लाइन मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के कई महत्वपूर्ण व्यापारिक और धार्मिक केंद्रों को कवर करेगी।
उत्तर प्रदेश : चित्रकूट
मध्य प्रदेश : सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम (इटारसी)।
इस प्रोजेक्ट से क्या होंगे बड़े फायदे
समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि तीसरी लाइन बनने से परिचालन क्षमता (Operational Efficiency) में जबरदस्त सुधार होगा।
भीड़भाड़ से राहत : वर्तमान में इटारसी-जबलपुर-कटनी रूट पर ट्रेनों का भारी दबाव रहता है। तीसरी लाइन से ट्रैफिक का लोड कम होगा।
अतिरिक्त रेल सेवाएं : ट्रैक की क्षमता बढ़ने से नई ट्रेनों और मेमू (MEMU) सेवाओं की शुरुआत हो सकेगी।
कनेक्टिविटी : चित्रकूट और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों के लिए देश के अन्य हिस्सों से पहुंच आसान होगी।
औद्योगिक विकास : कटनी और जबलपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में माल की आवाजाही तेज होगी।
देश के अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी रही नजर
बैठक में सिर्फ एमपी-यूपी ही नहीं, बल्कि देश के अन्य हिस्सों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
प्रोजेक्ट का नाम - राज्य - मुख्य विवरण
जालंधर कैंट-जम्मूतवी - पंजाब, हिमाचल, J&K - 210.75 किमी लंबी तीसरी रेल लाइन (27 स्टेशन)
डोलू-सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट - असम - कछार जिले में हवाई संपर्क सुधारने के लिए रणनीतिक प्रोजेक्ट
सूरत मेट्रो (चरण-1) - गुजरात - सरौली से मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड कॉरिडोर तक 4.4 किमी विस्तार।
विशेष नोट : पीएम गतिशक्ति योजना के तहत अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन प्रोजेक्ट्स की रफ्तार धीमी है, वहां आने वाली बाधाओं को दूर कर काम में तेजी लाई जाए।

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