कानपुर (kanpur) में आयोजित बजट (Budget) संगोष्ठी में विधायक महेश त्रिवेदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को 'विकसित भारत 2047' का रोडमैप बताया। जानें युवाओं, किसानों और बुनियादी ढांचे पर इसके प्रभाव।
केंद्रीय बजट 2026-27 : आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव, विधायक महेश त्रिवेदी ने व्यापारियों को किया संबोधितप्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, कानपुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्रीय बजट 2026-27 एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि देश को स्थिरता से समृद्धि की ओर ले जाने वाला एक दूरदर्शी रोडमैप है। यह विचार किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक महेश त्रिवेदी ने शनिवार को व्यक्त किए।
युवाओं और व्यापारियों के लिए विजन
किदवई नगर स्थित वेडिंग वेल गेस्ट हाऊस में आयोजित 'बजट संगोष्ठी' को संबोधित करते हुए विधायक महेश त्रिवेदी ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी सच होगा जब हमारे युवा सशक्त होंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल रोजगार पाने वाला (Job Seeker) ही नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला (Job Provider) भी बनना चाहिए। बजट में ऐसे प्रावधान हैं जो युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए द्वार खोलेंगे।
बजट के मुख्य स्तंभ:- किसान, महिला और गरीब
विधायक ने कहा कि बजट में सुशासन के साथ 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना निहित है। उन्होंने विकास के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की।
समग्र विकास : किसान, युवा, महिला और गरीब को केंद्र में रखकर रोडमैप तैयार किया गया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था : गांव और किसानों को मजबूत किए बिना देश सशक्त नहीं हो सकता।
आर्थिक गति : यह बजट जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने वाला है।
कार्यक्रम में ये प्रमुख व्यक्ति रहे मौजूद
कार्यक्रम में जय प्रकाश कुशवाहा, अचल गुप्ता, जसविंदर सिंह, अरविंद वर्मा, संजय कटियार, मीडिया प्रभारी मनीष त्रिपाठी, प्रवीन गुप्ता, पार्षद मनीष मिश्रा, विनीत दुबे और रवि सतीजा सहित कई गणमान्य व्यापारी उपस्थित रहे।
छावनी विधानसभा : इन्फ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर
इसी क्रम में छावनी विधानसभा में आयोजित संगोष्ठी में पूर्व विधायक रघुनंदन सिंह भदौरिया ने बजट के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर चर्चा की।
डिजिटल और फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर : सड़क, रेल, लॉजिस्टिक नेटवर्क और ऊर्जा क्षेत्र न केवल विकास को गति देते हैं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और रणनीतिक गतिशीलता को भी बढ़ाते हैं।
मैन्युफैक्चरिंग हब : पूंजीगत व्यय (Capex) को बढ़ावा देने से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत होगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।
समावेशी विकास : विकसित भारत का लक्ष्य समाज के हर वर्ग की भागीदारी के बिना संभव नहीं है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय महामंत्री पूनम द्विवेदी, अर्जुन बेरिया, राजन चौहान, निर्देश सिंह चौहान, महेंद्र गुप्ता और जितेंद्र चौरसिया सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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