Lucknow : Uttrakhand Women Self Help Group; उत्तराखण्ड महिला स्वयं सहायता समूह की कमान पूनम कनवाल के हाथ, राजेश्वरी सचिव व रेनू बनीं कोषाध्यक्ष

लखनऊ में उत्तराखण्ड महापरिषद के तत्वावधान में 'उत्तराखण्ड महिला स्वयं सहायता समूह' की बैठक संपन्न हुई। पूनम कनवाल को अध्यक्ष चुना गया। जानें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की आगामी योजनाएं।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ 

राजधानी लखनऊ में स्थित कुर्मांचल नगर के उत्तराखण्ड महापरिषद भवन के पुस्तकालय में महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक महापरिषद के तत्वावधान में संचालित ‘उत्तराखण्ड महिला स्वयं सहायता समूह’ की थी, जिसे महिला सशक्तीकरण और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम माना जा रहा है। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु समूह के नए पदाधिकारियों का निर्वाचन और भविष्य की रूपरेखा तैयार करना रहा। बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी चुनी गई, जिसमें पूनम कनवाल को अध्यक्ष, राजेश्वरी रावत को सचिव और रेनू तिवारी को कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुईं।

नए नेतृत्व से समूह को मिलेगी नई ऊर्जा 

बैठक के दौरान लोकतांत्रिक और सर्वसम्मत प्रक्रिया अपनाते हुए समूह के नए नेतृत्व का चयन किया गया। इसमें पूनम कनवाल को अध्यक्ष, राजेश्वरी रावत को सचिव और रेनू तिवारी को कोषाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई टीम के गठन की घोषणा होते ही उपस्थित महिलाओं में उत्साह देखा गया। सदस्यों का मानना है कि यह नया नेतृत्व समूह को नई ऊर्जा और ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य करेगा।

आय-व्यय का विवरण और समीक्षा

कार्यवाही की शुरुआत में महापरिषद की पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान कोषाध्यक्ष द्वारा पिछले कार्यकाल का विस्तृत आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत, समूह की पिछली गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई। महापरिषद के वरिष्ठ सदस्यों ने समूह की अब तक की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने रेखांकित किया कि किस प्रकार स्वयं सहायता समूह महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में रीढ़ की हड्डी साबित हो रहे हैं।

महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का संकल्प

नवनिर्वाचित अध्यक्ष पूनम कनवाल ने अपने संबोधन में समूह के विजन को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "हमारा प्राथमिक उद्देश्य महिलाओं को केवल संगठित करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना है।" उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में समूह द्वारा निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस पर रहेगा खास फोकस

कौशल विकास : महिलाओं को आधुनिक और पारंपरिक कौशलों का प्रशिक्षण देना।

महिला उद्यमिता : लघु उद्योगों और स्वरोजगार की योजनाओं को धरातल पर उतारना।

सरकारी योजनाएं : केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़ी महिला तक पहुँचाना है।



लोक-उत्पादों और हस्तकला पर जोर

नवनिर्वाचित अध्यक्ष पूनम कनवाल ने अपनी भविष्य की योजनाएं भी साझा कीं। कहा, समूह भविष्य में हस्तकला, पहाड़ी लोक-उत्पाद आधारित कार्यशालाएं और रोजगारपरक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इससे न केवल उत्तराखण्ड की संस्कृति का प्रचार होगा, बल्कि महिलाओं के पास आय के नियमित स्रोत भी विकसित होंगे। सामाजिक जागरूकता और सुरक्षा के मुद्दों पर भी समूह सक्रिय भूमिका निभाएगा।

बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य

बैठक में कुल 12 महिला सदस्यों ने सहभागिता की और एकजुटता का संकल्प लिया। बैठक में हेमा बिष्ट, हरीतिमा पंत, पुष्पा वैष्णव, रेवती भट्ट, रेनू अधिकारी, सीता नेगी, हेमा डोबरियाल, मीनू अधिकारी, आशा बनौला और हीरा बिष्ट प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं। सभी ने नई कार्यकारिणी को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।

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