उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने अजय राय और अविनाश पांडे के नेतृत्व में 'मिशन 2027' का बिगुल फूँक दिया है। प्रियंका गांधी के जन्मदिन पर जारी होगा 100 दिनों का मेगा प्लान।
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| यूपी कांग्रेस की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय और अन्य पदाधिकारी। |
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को अभी से धार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 'मिशन 2027' का औपचारिक शंखनाद कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की अध्यक्षता में जिला और शहर अध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता के बीच सक्रियता बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
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| बैठक में जिलाध्यक्ष और नगर अध्यक्षों को संबोधित करते उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय। |
इस रणनीतिक बैठक में उत्तर प्रदेश के प्रभारी अविनाश पांडेय और राष्ट्रीय सचिवों की उपस्थिति में तय किया गया कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश के कोने-कोने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी। आगामी 100 दिनों के भीतर प्रदेश में 30 विशाल 'संविधान संवाद' रैलियां आयोजित की जाएंगी। इन रैलियों का मुख्य उद्देश्य संविधान की रक्षा और आम जनमानस के अधिकारों के प्रति जागरूकता पैदा करना है।
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| बैठक में जिलाध्यक्ष और नगर अध्यक्षों को संबोधित करते उत्तर प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय। |
बैठक में निर्णय लिया गया कि 12 जनवरी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (INC) की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के जन्मदिन के अवसर पर पार्टी अगले 100 दिनों का विस्तृत रोडमैप जनता के सामने पेश करेगी। यह रोडमैप यूपी में कांग्रेस की वापसी के लिए एक ब्लूप्रिंट की तरह कार्य करेगा।
दिग्गज नेताओं की उपस्थिति में बनी रणनीति
बैठक के दौरान संगठन को गतिशील बनाने के लिए कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने सुझाव साझा किए। इस अवसर पर प्रमुख रूप से पीएल पुनिया, किशोरी लाल शर्मा, राजेश तिवारी, धीरज गुर्जर, प्रदीप नरवाल, तौकीर आलम, अखिलेश प्रताप सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी और मनोज त्यागी उपस्थित रहे।
संगठन की मजबूती पर जोर
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने जिला और शहर अध्यक्षों से कहा कि कार्यकर्ताओं का जोश ही वर्ष 2027 में परिवर्तन का आधार बनेगा। प्रभारी अविनाश पांडेय ने स्पष्ट किया कि 'संविधान संवाद' के जरिये कांग्रेस सीधे उन वर्गों तक पहुंचेगी जिनके हक की लड़ाई पार्टी लंबे समय से लड़ रही है। कांग्रेस अब केवल विपक्ष की भूमिका में नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के भविष्य के विकल्प के रूप में जनता के बीच जा रही है। 12 जनवरी से शुरू होने वाला यह सफर वर्ष 2027 की विजय गाथा लिखेगा।
बैठक ने स्पष्ट कर दिया है कि यूपी कांग्रेस अब पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुकी है। आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में बड़े आंदोलनों की सुगबुगाहट देखने को मिलेगी।



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