Lucknow : श्रीकृष्णा दत्त अकादमी में राष्ट्रीय संगोष्ठी में छात्रों को सिखाए गए वित्तीय साक्षरता और निवेश के गुर

लखनऊ के श्रीकृष्णा दत्त अकादमी (ऑटोनॉमस कॉलेज) में 'वित्तीय एवं निवेश जागरूकता' पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। विशेषज्ञों ने छात्रों को वित्तीय साक्षरता और निवेश के गुर सिखाए।

श्री कृष्णा दत्त अकादमी में वित्तीय एवं निवेश जागरूकता पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ

श्रीकृष्णा दत्त अकादमी (ऑटोनॉमस कॉलेज) में विद्यार्थियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। कॉलेज परिसर में “कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के लिए वित्तीय एवं निवेश जागरूकता” पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ।

इसका उद्देश्य युवाओं को वित्तीय साक्षरता, निवेश के विविध विकल्पों और धन प्रबंधन के कौशल से परिचित कराना है। ताकि वे अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक जीवन में बेहतर आर्थिक निर्णय ले सकें।

ज्ञान के दीप के साथ कार्यक्रम का आगाज

संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र का प्रारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुआ। मुख्य अतिथियों और महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण कर ज्ञान और विवेक के इस उत्सव की शुरुआत की गई।

प्रख्यात वक्ताओं ने साझा किए वित्तीय मंत्र

संगोष्ठी में वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की और विद्यार्थियों को बाजार की बारीकियों से अवगत कराया।

नीलू त्रिवेदी (फाउंडर व सीईओ, स्त्री वेलफेयर फाउंडेशन) : उन्होंने महिलाओं और युवाओं के लिए वित्तीय स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया।

विश्वजीत घोषाल (सह-संस्थापक, चिल्ड्रेन अनबाउंड फाउंडेशन) : उन्होंने निवेश के मूल सिद्धांतों और जोखिम प्रबंधन पर प्रकाश डाला।

सुजाता पॉल (सह-संस्थापक, चिल्ड्रेन अनबाउंड फाउंडेशन) : उन्होंने युवाओं में प्रारंभिक वित्तीय जागरूकता और बचत की आदतों को विकसित करने की आवश्यकता बताई।

मार्गदर्शकों का संबोधन

इस अवसर पर मनीष सिंह निदेशक, एसकेडी ग्रुप ऑफ एजुकेशन और नवीन कुलश्रेष्ठ सहायक निदेशक, उच्च शिक्षा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज के दौर में किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक वित्तीय ज्ञान होना अनिवार्य है। उन्होंने प्रतिभागियों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

संगोष्ठी पर होगी अहम तथ्यों पर चर्चा 

दो दिनों तक चलने वाली इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की जाएगी।

विशेषज्ञ व्याख्यान : अनुभवी पेशेवरों द्वारा बाजार के बदलते स्वरूप की जानकारी।

संवादात्मक सत्र : विद्यार्थियों के प्रश्नों और जिज्ञासाओं का विशेषज्ञों द्वारा समाधान।

व्यावहारिक चर्चा : बचत, निवेश और दीर्घकालिक आर्थिक नियोजन की समझ विकसित करना।

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