मकर संक्रांति के साथ खरमास खत्म हो रहा है। फरवरी और मार्च 2026 में शादी-विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए केवल 19 दिन शुभ मुहूर्त हैं। जानें सटीक तिथियां और ज्योतिषीय कारण।
मकर संक्रांति के पावन पर्व के साथ ही 'खरमास' की समाप्ति हो रही है। हालांकि, मांगलिक कार्यों की विधिवत शुरुआत के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। इस वर्ष फरवरी और मार्च के महीने में विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए कुल 19 दिन ही उपलब्ध रहेंगे।
बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर विनय कुमार पांडेय के अनुसार, इस साल मांगलिक कार्यों की शुरुआत 4 फरवरी से होगी और अंतिम मुहूर्त 14 मार्च को होगा।
क्यों करना होगा 4 फरवरी तक का इंतजार
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुभ कार्यों के लिए शुक्र ग्रह का उदय होना अनिवार्य है।
शुक्र अस्त : 11 दिसंबर 2025 से शुक्र ग्रह अस्त अवस्था में था। इसलिए समस्त मांगलिक कार्य नहीं संभव हो रहे थे।
शुक्र उदय : शुक्र ग्रह का उदय 1 फरवरी 2026 को होगा। इसलिए तीन दिन बाद मुहूर्त निकाला जाएगा। उसके बाद से चार फरवरी से ही मांगलिक कार्यों का शुभारंभ होगा।
बालक अवस्था : उदय होने के बाद भी शुक्र तीन दिनों तक 'बालक अवस्था' में रहता है, जिसमें शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसी कारण 4 फरवरी से ही शहनाइयां बजना शुरू होंगी।
शुभ मुहूर्त की तिथियां : एक नज़र में
फरवरी माह में विवाह के लिए 14 दिन और मार्च में मात्र 5 दिन का समय मिलेगा। इन मुहूर्तों में गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ और भूमि पूजन जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे।
विशेष नोट : ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इन तिथियों में कुछ मुहूर्त दिन के हैं और कुछ रात्रि के। किसी भी विशेष कार्य से पहले अपने पुरोहित या विद्वान ज्योतिषी से अपनी कुंडली के अनुसार परामर्श अवश्य लें।

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