संभल हिंसा मामले पर कांग्रेस ने योगी सरकार को घेरा। शाहनवाज़ आलम और अनिल यादव ने सीओ अनुज चौधरी की गिरफ्तारी और CJM विभांशु सुधीर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
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| कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता करते कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज़ आलम और यूपी के महासचिव अनिल यादव। |
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
संभल हिंसा को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव शाहनवाज़ आलम और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव अनिल यादव ने लखनऊ प्रेस क्लब में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने संभल की न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और एसएचओ अनुज तोमर पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें तत्काल जेल भेजा जाए।
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| प्रेसवार्ता में कांग्रेस के पदाधिकारी। |
शाहनवाज़ आलम ने कहा कि संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट का फैसला सरकार द्वारा कराई गई मजिस्ट्रेटी जांच की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजिस्ट्रेटी जांच में पुलिस को बचाने के लिए 'क्लीन चिट' दी गई थी। कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के सेवारत न्यायाधीश के नेतृत्व में गठित न्यायिक आयोग से कराई जानी चाहिए।
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| प्रेसवार्ता में कांग्रेस के पदाधिकारी। |
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शाहनवाज़ आलम ने पुलिस द्वारा दिए गए तीन मुख्य तर्कों को 'तथ्यहीन' करार दिया है।
समय का विवाद : पुलिस का दावा है कि हिंसा 7:45 बजे शुरू हुई, तो पीड़ित 8 बजे वहां कैसे पहुंचा? शाहनवाज़ ने इसे पुलिस की सच्चाई छिपाने की एक तकनीकी साजिश बताया।
पहचान छिपाकर इलाज : पीड़ित द्वारा मेरठ में पहचान बदलकर इलाज कराने पर पुलिस के आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि पुलिसिया दबाव के कारण पड़ोसी जिलों के अस्पतालों ने घायल को भर्ती करने से मना कर दिया था। यह यूपी में पुलिस और अस्पतालों के बीच एक 'आपराधिक गठजोड़' को दर्शाता है।
हथियारों का रहस्य : पुलिस का तर्क है कि पीड़ित के शरीर से निकली .32 बोर की गोली पुलिस इस्तेमाल नहीं करती। इस पर शाहनवाज़ आलम ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह इस बात की पुष्टि करता है कि पुलिस ने 'आरएसएस' से जुड़े बाहरी तत्वों का सहारा लिया, जो पुलिस की वर्दी में निजी हथियारों से गोलीबारी कर रहे थे। उन्होंने बिजनौर के सीएए-एनआरसी प्रदर्शनों का उदाहरण देते हुए तत्कालीन एसएसपी संजीव त्यागी के बयानों का हवाला भी दिया।
मुख्यमंत्री के बयान पर कड़ा ऐतराज
कांग्रेस महासचिव अनिल यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान की तीखी आलोचना की जिसमें उन्होंने अनुज चौधरी का बचाव करते हुए कहा था कि "वह पहलवान रहा है, तो पहलवानी की भाषा बोलेगा।" अनिल यादव ने कहा कि पुलिस कोई अखाड़े का पहलवान नहीं, बल्कि एक संवैधानिक संस्था है। मुख्यमंत्री का ऐसा बयान पुलिस की सांप्रदायिक और हिंसक मानसिकता को संस्थागत रूप देने जैसा है।
योगी सरकार अनुज चौधरी जैसे अधिकारियों को इसलिए बचा रही है क्योंकि उनकी गिरफ्तारी होने पर सरकार के राजनीतिक संरक्षकों की भूमिका भी सार्वजनिक हो जाएगी।"अनिल यादव
CJM की सुरक्षा व संपत्तियों की जांच की मांग
कांग्रेस ने संभल के CJM विभांशु सुधीर की सुरक्षा तत्काल बढ़ाने की मांग की है। अनिल यादव ने आशंका जताई कि जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उसमें न्यायिक अधिकारियों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके साथ ही, शाहनवाज़ आलम ने मांग की कि सीओ अनुज चौधरी और अनुज तोमर की संपत्तियों की जांच कराई जाए, क्योंकि संभल हिंसा में नाम जोड़ने और हटाने के नाम पर अवैध वसूली की चर्चाएं आम हैं।
प्रेसवार्ता में मौजूद प्रमुख चेहरे
इस प्रेस वार्ता का संचालन शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. शहज़ाद आलम ने किया। इस मौके पर ओबीसी कांग्रेस अध्यक्ष मनोज यादव, अख़्तर मलिक, मसूद ख़ान, नावेद नक़वी, हरनाम सिंह और उमैर अहमद समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
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