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| द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सम्मानित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। |
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, अयोध्या
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा आयोजित द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रामलला के दर्शन कर अभिभूत हो गए। राम मंदिर की दिव्यता का वर्णन करते हुए उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई का उल्लेख किया— "नाथ आजु मैं काह न पावा..."। उन्होंने भावुक होकर कहा कि प्रभु के दर्शन के बाद अब कुछ और देखने की लालसा शेष नहीं रही।
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| रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सम्मानित करते श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय, साथ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। |
विश्व का सबसे बड़ा आंदोलन : उन्होंने राम मंदिर आंदोलन को दुनिया का सबसे बड़ा 'ग्रैंड नॉरेटिव' करार देते हुए कहा कि राम मंदिर के शिखर पर लहराता भगवा ध्वज हमारी अटूट सभ्यता का प्रतीक है।
मर्यादा पुरुषोत्तम का आदर्श : युद्ध कौशल पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राम ने युद्ध में भी मर्यादा नहीं छोड़ी। निहत्थे रावण को देखकर युद्ध स्थगित करना उनकी महानता और विजय के असली अर्थ को दर्शाता है।
विकास का अयोध्या मॉडल : रक्षामंत्री ने अयोध्या के वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरने और रेलवे व इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की सराहना की।
पुनौरा धाम का जिक्र
इस दौरान उन्होंने बिहार स्थित माता जानकी के जन्मस्थान पुनौरा धाम को भी प्रधानमंत्री द्वारा भव्य रूप दिए जाने की घोषणा की जानकारी साझा की। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से अनुपस्थित ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी नृत्यगोपाल दास जी को नमन कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी साथ रहे।




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