Barabanki : टोल प्लाजा पर अधिवक्ता से मारपीट मामले में NHAI का बड़ा एक्शन, 5.3 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में बारा टोल प्लाजा पर अधिवक्ता से मारपीट मामले में NHAI ने सख्त एक्शन लिया है। स्काईलार्क इन्फ्रा का अनुबंध समाप्त कर उसे ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, बाराबंकी/लखनऊ

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश के एनएच-731 (लखनऊ-सुल्तानपुर खंड) पर स्थित बाराबंकी जिले में स्थित टोल प्लाजा पर एक अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट की घटना को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की है। NHAI ने टोल वसूलने वाली एजेंसी एम/एस स्काईलार्क इन्फ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है।

एनएचएआई की कार्रवाई के मुख्य बिंदु

अनुबंध समाप्ति : एजेंसी का यूजर शुल्क संग्रहण अनुबंध तुरंत निरस्त कर दिया गया है।

आर्थिक दंड : वर्तमान अनुबंध के तहत जमा की गई ₹5.3 करोड़ की बैंक गारंटी और परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को जब्त कर भुनाने (Encashment) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

ब्लैकलिस्टिंग का नोटिस : एजेंसी को एक साल के लिए एनएचएआई की किसी भी भविष्य की निविदा या टेंडर से वंचित (Debar) करने के लिए'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया है।

इसलिए की गई सख्त कार्रवाई 

NHAI के अनुसार, 14 जनवरी को बारा फी प्लाजा पर तैनात कर्मियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता (अधिवक्ता) के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया था। यह घटना अनुबंध की शर्तों का सीधा उल्लंघन है। अनुबंध के नियमों के अनुसार, ठेकेदार के कर्मियों को जनता के साथ शालीनता और अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य है। NHAI ने माना कि यह घटना एजेंसी के खराब पर्यवेक्षण और अनुबंधीय दायित्वों की विफलता का परिणाम है।

घटनाक्रम का बैकग्राउंड (Background of the Incident)

इस पूरी कार्रवाई की जड़ में वह विवाद है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक हलचल मचा दी थी। घटनाक्रम को क्रमवार नीचे समझा जा सकता है।

ऐसे हुई विवाद की शुरुआत

यह मामला 14 जनवरी का है, जब बाराबंकी के बारा टोल प्लाजा से एक अधिवक्ता अपनी कार लेकर गुजर रहे थे। बताया जा रहा है कि टोल प्लाजा पर 'फास्टैग' (FASTag) या आईडी दिखाने को लेकर टोल कर्मियों और अधिवक्ता के बीच बहस शुरू हुई।

मारपीट और बदसलूकी

बहस इतनी बढ़ गई कि टोल कर्मियों ने आपा खो दिया और अधिवक्ता के साथ गाली-गलौज और शारीरिक मारपीट की। घटना के वीडियो और चश्मदीदों के बयानों ने मामले को और गंभीर बना दिया। अधिवक्ता समाज ने इस घटना पर कड़ा विरोध जताया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

NHAI ने किया हस्तक्षेप 

मामला संज्ञान में आते ही NHAI के मुख्यालय ने इसकी जांच के आदेश दिए। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि टोल एजेंसी 'स्काईलार्क इन्फ्रा' अपने कर्मचारियों के आचरण पर नियंत्रण रखने में पूरी तरह विफल रही।

NHAI ने दिया सख्त संदेश

NHAI ने स्पष्ट किया कि टोल प्लाजा पर किसी भी नागरिक के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई न केवल इस एजेंसी के लिए दंड है, बल्कि देशभर की अन्य टोल एजेंसियों के लिए एक सख्त संदेश भी है कि वे यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान के साथ समझौता न करें।

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