Lucknow Bank of India Fraud: CBI Raids in UP Forest Corporation 65 Crore Scam. Fake FD Case Lucknow.
लखनऊ के बैंक ऑफ इंडिया में यूपी वन निगम (UP Forest Corp) के नाम पर फर्जी खाता खोलकर ₹65 करोड़ का घोटाला। सीबीआई ने मनीष और दीपक पर दर्ज की FIR। दिल्ली-गाजियाबाद में छापेमारी की पूरी जानकारी और घटनाक्रम यहाँ पढ़ें।
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
राजधानी लखनऊ में 'नटवरलालों' के एक शातिर गिरोह ने सरकारी सिस्टम और बैंकिंग सुरक्षा की धज्जियां उड़ाते हुए उत्तर प्रदेश वन निगम के ₹64.82 करोड़ पर हाथ साफ कर दिया। बैंक ऑफ इंडिया (BoI) की सदर शाखा में फर्जी दस्तावेजों के सहारे खेल करने वाले इस गिरोह के खिलाफ अब सीबीआई (CBI) ने मोर्चा संभाल लिया है। शनिवार को सीबीआई की तीन टीमों ने दिल्ली, गाजियाबाद और कानपुर में मनीष और दीपक नामक मुख्य आरोपियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
ऐसे शुरू हुआ धोखाधड़ी का 'खेला'
पूरा मामला दिसंबर 2025 के आखिरी हफ्ते से शुरू हुआ। उत्तर प्रदेश वन निगम के पास ₹64.82 करोड़ की राशि थी, जो पहले बैंक ऑफ महाराष्ट्र में एफडी (FD) के रूप में जमा थी। एफडी मैच्योर होने के बाद निगम ने इसे दोबारा निवेश करने के लिए बैंकों से निविदाएं (Tenders) मांगीं।
30 दिसंबर 2025 : निविदाएं खोली गईं, जिसमें बैंक ऑफ इंडिया की सदर शाखा ने सबसे अधिक 6.73% ब्याज दर का प्रस्ताव दिया।31 दिसंबर 2025 : वन निगम ने चयन के बाद पूरी राशि बैंक ऑफ इंडिया के खाते में एफडी बनाने के लिए ट्रांसफर कर दी।
खाता 'वन निगम' का, कंट्रोल 'जालसाजों' का
हैरानी की बात यह है कि गिरोह ने निगम द्वारा फंड ट्रांसफर करने से पहले ही 22 दिसंबर को बैंक में 'यूपी फॉरेस्ट कॉरपोरेशन' के नाम से एक फर्जी बचत खाता खुलवा लिया था। इसके लिए फर्जी पैन कार्ड, जीएसटी रजिस्ट्रेशन और बोर्ड प्रस्तावों का इस्तेमाल किया गया।
जैसे ही 31 दिसंबर को निगम का पैसा बैंक पहुंचा, शातिरों ने बैंक को गुमराह किया। उन्होंने खुद को निगम का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर खाता संचालन की अनुमति ले ली।
अगले ही दिन, गिरोह ने कुल ₹64.82 करोड़ में से मात्र ₹6.82 करोड़ की एफडी निगम के नाम पर दिखाई।बाकी के ₹58 करोड़ को बड़ी ही चालाकी से दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर करके रफूचक्कर हो गए।
ऐसे खुला राज
6 जनवरी 2026 को जब वन निगम ने नियमित ऑडिट के तहत बैंक से अपनी जमा पूंजी की पुष्टि मांगी, तो बैंक ने चुप्पी साध ली। 7 जनवरी को बैंक ने पत्र भेजकर बताया कि निगम के नाम पर केवल ₹6.82 करोड़ की एफडी और एक सेविंग अकाउंट है। यह सुनकर निगम के अधिकारियों के होश उड़ गए, क्योंकि उन्होंने ₹64.82 करोड़ की एफडी के निर्देश दिए थे।
अब तक का घटनाक्रम और सीबीआई की एंट्री
- एफआईआर (FIR) : वन निगम के प्रबंध निदेशक (MD) अरविंद कुमार सिंह ने लखनऊ के गाजीपुर थाने में बैंक कर्मियों और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
- बैंक की भूमिका : शुरुआती जांच में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत और केवाईसी (KYC) नियमों की गंभीर अनदेखी सामने आई है। बिना फिजिकल वेरिफिकेशन के करोड़ों का खाता कैसे खुला, यह बड़ा सवाल है।
- सीबीआई जांच : मामले की गंभीरता और बड़ी रकम को देखते हुए सीबीआई ने केस टेकओवर किया। जांच एजेंसी के मुताबिक, दीपक और मनीष नामक युवकों ने फर्जी लेटरहेड के जरिए बैंक को झांसा दिया था।
- छापेमारी : शनिवार को सीबीआई ने कानपुर, गाजियाबाद और दिल्ली में आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर डिजिटल साक्ष्य और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।

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