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| केजीएमयू कुलपति कार्यालय के बाहर हंगामा करते लोग। |
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। शुक्रवार दोपहर विश्वविद्यालय परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब सैकड़ों की संख्या में अराजक तत्वों ने कुलपति कार्यालय में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। इसकी केजीएमयू प्रशासन ने चौक कोतवाली में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। चीफ प्रॉक्टर डॉ. आरएएस कुशवाहा की ओर से दी गई शिकायत में सरकारी कार्य में बाधा, संपत्ति को क्षति और लूटपाट जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
घटनाक्रम : शांतिपूर्ण परिसर में अचानक तनाव
तहरीर के अनुसार, घटना शुक्रवार 9 जनवरी की दोपहर लगभग 12:30 बजे की है। उस समय कुलपति (VC) एक प्रेसवार्ता समाप्त कर विभागीय कार्यों में व्यस्त थीं। इसी दौरान कार्यालय के मुख्य द्वार पर अज्ञात व्यक्तियों की भीड़ जुटने लगी। जब सुरक्षाकर्मियों ने पूछताछ की, तो पता चला कि ये लोग उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के समर्थक थे और उनके आने का इंतजार कर रहे थे।
प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय के पास उनके आगमन की कोई आधिकारिक सूचना नहीं थी। कुलपति उस समय पूर्व निर्धारित बैठकों और शिक्षकों की प्रोन्नति समिति (Selection Committee) के कार्यों में व्यस्त थीं, जिसमें देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ भी शामिल थे।
भीड़ का हिंसक रूप और तोड़फोड़
जैसे ही अपर्णा यादव की गाड़ी कुलपति कार्यालय के द्वार पर रुकी, वहां मौजूद 150-200 लोगों की भीड़ उग्र हो गई। आरोप है कि भीड़ ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए कुलपति के विरुद्ध अभद्र और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। अराजकता इतनी बढ़ गई कि प्रदर्शनकारियों ने कुलपति कक्ष के दरवाजे को जबरन तोड़कर भीतर घुसकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया।
सरकारी मोबाइल की चोरी, एमबीबीएस परीक्षा में बाधा
तहरीर में बताया गया है कि हंगामे के दौरान कुलपति कार्यालय में चार्जर पर लगा सरकारी मोबाइल (सिम संख्या- 8004849973) गायब कर दिया गया, जो काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिला। जिस समय कार्यालय में तोड़फोड़ हो रही थी, ठीक उसी के ऊपर स्थित परीक्षा हॉल में एमबीबीएस (MBBS) प्रथम वर्ष की लिखित परीक्षा चल रही थी। उग्र शोर-शराबे और हंगामे के कारण छात्रों की परीक्षा में व्यवधान उत्पन्न हुआ। पूरे परिसर में भय का माहौल बन गया। महिला शिक्षकों और कर्मचारियों ने भीड़ पर अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं।
पुलिस प्रशासन से FIR की मांग
चीफ प्रॉक्टर डॉ. कुशवाहा ने तहरीर में कहा है कि पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग विभिन्न मीडियाकर्मियों और सीसीटीवी कैमरों द्वारा की गई है, जो साक्ष्य के रूप में उपलब्ध है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस से अनुरोध किया है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को लूटने और परिसर की शांति भंग करने के आरोप में FIR दर्ज की जाए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस घटना के बाद से केजीएमयू के शिक्षकों और कर्मचारियों में रोष है। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।


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