बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को सस्पेंड कर शामली अटैच कर दिया गया है। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने DM पर बंधक बनाने और अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए धरना पर बैठ गए हैं ।जानिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से उनकी बातचीत और पूरे विवाद की बड़ी बातें।
![]() |
| इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री। |
प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, बरेली
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को सस्पेंड करके शामली अटैच कर दिया गया है। कमिश्नर को इस मामले की जांच सौंपी गई है।
सोमवार देर रात शंकराचार्य ने सिटी मजिस्ट्रेट से फोन पर बात की। उनसे कहा- पूरा सनातनी समाज आपसे प्रसन्न है। जो पद आपको सरकार ने दिया था, हम उससे बड़ा पद धर्म के क्षेत्र में आपको देंगे।
अलंकार अग्निहोत्री ने गणतंत्र दिवस पर इस्तीफा दिया था। इसकी वजह UGC का नया कानून और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों की पिटाई को बताया था। उन्होंने 5 पेज का लेटर भी लिखा था। इसके बाद सोमवार शाम 7:30 बजे अग्निहोत्री डीएम अविनाश सिंह से मिलने उनके आवास पहुंचे थे।
बाहर आने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि मुझे डीएम आवास में 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया। SSP के कहने पर छोड़ा गया।
रात 11 बजे अग्निहोत्री ने सरकारी आवास खाली कर दिया। हालांकि, वे बरेली में ही हैं और अपने एक परिचित के यहां रुके हुए हैं।
बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री जिलाधिकारी अविनाश सिंह से मिलने के लिए पहुंचे थे। उनके नहीं मिलने पर डीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने निलंबन आदेश मानने से इनकार किया है । उनका कहना है कि मैं पहले ही इस्तीफा दे चुका हूं। उन्होंने कहा कि DM को ज्ञापन देंगे। साथ ही कहा कि किसी भी सूरत में इस्तीफ़ा वापस नहीं लेंगे। उन्होंने शामली जाने से भी इन्कार कर दिया है।
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का बड़ा आरोप
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि हमें डीएम आवास पर 20 मिनट तक बंधक बना कर रखा गया। उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। लखनऊ से डीएम अविनाश सिंह के पास किसी अधिकारी का फोन आया था। अलंकार का आरोप है कि फोन करने वाले व्यक्ति से फोन का स्पीकर खोलकर बात की जा रही थी। उधर से उसने कहा कि साला पंडित पागल हो गया है। उसके बाद उनसे कहा गया कि 2 घंटे के अंदर आवास खाली कर दो। सिटी मजिस्ट्रेट ने अपनी जान को खतरा बताया है। उन्होंने फोन कॉल से दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से एसआईटी से जांच कराने की मांग की है।

0 Comments
if you have any doubt,pl let me know