Raibareli : आनंदा डेयरी प्लांट पर आयकर के छापे से लालगंज में हड़कंप, तीसरे दिन भी जांच जारी

रायबरेली के लालगंज में आनंदा डेयरी प्लांट पर आयकर विभाग की छापेमारी तीसरे दिन भी जारी है। कर्मचारियों के मोबाइल जब्त और करोड़ों के टर्नओवर के दस्तावेजों की जांच। पूरी खबर पढ़ें।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, रायबरेली 

​रायबरेली के लालगंज स्थित आनंदा डेयरी प्लांट में आयकर विभाग (Income Tax) की छापेमारी से हड़कंप मचा हुआ है। पिछले तीन दिनों से विभाग की टीम प्लांट के भीतर डेरा डाले हुए है और दस्तावेजों की सघन जांच कर रही है। छापेमारी की कार्रवाई ने क्षेत्र के व्यापारिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

मुख्य हाइलाइट्स

स्थान : लालगंज क्षेत्र, रायबरेली (उत्तर प्रदेश)।
कार्रवाई : आयकर विभाग की छापेमारी (तीसरा दिन)।
सख्ती : कर्मचारियों के मोबाइल जब्त, प्लांट का गेट बंद।
जांच का दायरा : आय-व्यय के दस्तावेज, कंप्यूटर डेटा और मिलावटखोरी की आशंका।

क्या है पूरा मामला (विस्तृत विवरण)

​उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में स्थित आनंदा डेयरी के विशाल प्लांट पर आयकर विभाग की टीम ने अचानक दस्तक दी। सूत्रों के अनुसार, यह रेड सिर्फ कर चोरी (Tax Evasion) तक सीमित नहीं है, बल्कि विभाग को बड़े पैमाने पर आय-व्यय के विवरण में विसंगतियों की सूचना मिली थी।

​पिछले 72 घंटों से टीम प्लांट के भीतर मौजूद है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच, डेयरी के मुख्य गेट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जांच के दौरान बाहर से किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर पाबंदी है और अंदर मौजूद कर्मचारियों को एक ही स्थान पर बैठाकर पूछताछ की जा रही है।

​छापेमारी के दौरान की गई सख्त कार्रवाई

​आयकर विभाग ने अपनी जांच को पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

डिजिटल डेटा की निगरानी : प्लांट के मुख्य सर्वर और कंप्यूटरों में सेव किए गए सभी डेटा की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है।

मोबाइल फोन जब्त : ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के मोबाइल फोन टीम ने अपने कब्जे में ले लिए हैं, ताकि बाहर सूचनाएं साझा न की जा सकें।

दस्तावेज जब्त : टीम ने तमाम अहम फाइलों और बही-खातों को कब्जे में ले लिया है। सूत्रों की मानें तो टैक्स चोरी के साथ-साथ मिलावटखोरी से जुड़े इनपुट्स की भी जांच हो रही है।

​आयकर विभाग और प्रबंधन का पक्ष

आयकर विभाग का रुख

आयकर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि यह एक "सर्च और सीजर" ऑपरेशन है। विभाग का मुख्य ध्यान अघोषित संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं को उजागर करना है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही जब्त किए गए दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

आनंदा डेयरी प्रबंधन की प्रतिक्रिया

छापेमारी के दौरान प्रबंधन की ओर से फिलहाल चुप्पी साधी गई है। प्लांट के भीतर अधिकारियों से सहयोग करने की बात कही जा रही है। आधिकारिक तौर पर किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया गया है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह मुख्यालय स्तर की कार्रवाई है।

​जिले में अब तक की सबसे लंबी छापेमारी

​रायबरेली में आनंदा डेयरी पर हो रही यह कार्रवाई जिले की अब तक की सबसे लंबी आयकर छापेमारी में से एक मानी जा रही है। तीसरे दिन भी जारी इस जांच से यह स्पष्ट है कि विभाग के हाथ कुछ बड़े सुराग लगे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस लंबी जांच के अंत में विभाग क्या बड़े खुलासे करता है।

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