Railway Station Mau: मऊ को मिला अत्याधुनिक 5S वर्क मैनेजमेंट सिस्टम सर्टिफिकेट मिला”


SPART, SPARMV समेत 140 टन क्रेन युक्त ART।

वाराणसी मंडल की सभी SPART, SPARMV समेत 140 टन क्रेन युक्त Accident Relief Train (ART) मऊ स्टेशन को मिला। साथ ही  अत्याधुनिक 5S वर्क मैनेजमेंट सिस्टम सर्टिफिकेट भी मिला।

प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, वाराणसी

वाराणसी मंडल की सभी स्पेशल क्लास दुर्घटना राहत यान SPART, स्पेशल क्लास दुर्घटना सहायता मेडिकल वैन SPARMV समेत 140 टन क्रेन युक्त दुर्घटना राहत यान मऊ को 5S कार्य प्रबंधन सर्टिफाइड होने का गौरव प्राप्त हुआ। यह सर्टिफिकेशन पूर्वोत्तर रेलवे में सर्वप्रथम वाराणसी मंडल को प्राप्त प्रदान किया गया है। यह सर्टिफिकेशन प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर नरेश कुमार एवं मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के लक्ष्य के निर्धारण, मार्गदर्शन और कर्मचारियों के अथक परिश्रम से हासिल हो सका है।

वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (कैरेज एण्ड वैगन) अनुभव पाठक के नेतृत्व में वाराणसी मंडल के अंतर्गत बनारस, छपरा और मऊ में उपयोग किए जा रहे दुर्घटना राहत यानों SPART को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इससे जुड़े सभी विभागों द्वारा संसाधन व उपकरणों की आवश्यकता को पूरा करने के बाद सेल्फ प्रोपेल्ड ट्रेन को थर्ड पार्टी के माध्यम से सर्वे भी करवाया गया है। इस सर्वे में जापानी प्रक्रिया और तकनीकियों का प्रयोग करते हुए सभी बिंदुओं पर क्रमवार कार्य किया गया। नियोजित तरीके से छोटे बड़े समान ,टूल कीटों तथा मशीनों का स्थान प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर दिया गया।

दुर्घटना के समय तत्काल उपयोगों हेतु लाल, हरा, नीला जोन को चिन्हित करने से प्राथमिक/तत्काल आवश्यक, अति आवश्यक, सामान्य आवश्यक की श्रेणी में चिन्हांकित किए जाने से आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में समय बचेगा, जिससे राहत और बचाव कार्य में लाभ होगा । 

5 S प्रबंधन में हर सामग्री, वस्तुओं, उपकरणों को यथोचित स्थान सुनिश्चित करने के साथ साथ अमुक उपकरणों का नाम, उससे संबंधित सूचना, प्रयोग विधि इत्यादि का नियमावली बनाने से किसी भी सामान या उपकरण की जानकारी अत्यंत कम समय में प्राप्त हो सकेगी।

मेडिकल उपकरणों यथा स्ट्रेचर, सीढ़ियां, चिकित्सा सम्बन्धित मेडिसिन व सर्जिकल समान, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड के नजदीक रख जाने से घायल यात्रियों को तत्काल चिकित्सा सहायता पहुंचने में सहयोग मिलेगा।

बायोडिग्रेडिबल मेडिकल डस्टबीन के उपयोग से किसी भी तरह के संक्रमण से बचाव सुनिश्चित होगा।

अग्निशामक यंत्रों को प्रयोग करने के लिए अन्य स्टाफ के प्रशिक्षित होने से दुर्घटना राहत यान के कर्मचारी ज्यादा प्रशिक्षित किए गए हैं ताकि आग लगने की स्थिति में कम से कम समय में स्थिति पर काबू पा सकें।या जा सके।

प्रमाण पत्र प्रक्रिया के दौरान सुझावों के फलस्वरूप अधिकांश संख्या में SPART यान के स्टाफ अब आकस्मिक चिकित्सा में। भी प्रशिक्षित हो चुके हैं जो कि प्रथमिक उपचार, सीपीआर, अस्थमा अटैक जैसे मरीजों को दुर्घटना स्थान पर ही उपचार देकर जीवन बचा सकते हैं, अस्पताल ले जाने तक उन्हें सुरक्षित रखने में सहयोग महत्वपूर्ण साबित होगा।

अत्यंत ज्वलनशील ऑयल, वस्तुओं का वर्गीकरण का आधार पर स्थान निर्धारित होने से आंतरिक दुर्घटना की संभावनाएं काफी कम हो गई हैं। यान में तैनात कर्मचारियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने से उत्तम स्वास्थ्य वाले कार्य में निपुण कर्मचारी ही यान पर रहेंगे।

लाल रंगे में हर एक समान पर स्टीकर व नाम अंकित होने से आपात स्थिति में ढूंढने में आसानी होने लगी जिससे कम समय में वस्तुओंकी उपलब्धता और प्रयोग हो सकेगा।

5 एस संबंधित मानक के अनुसार, सुरक्षा निर्देश, नीतियां, पोस्टर्स, दृश्यमान पोस्टर्स द्वारा हर कर्मचारियों में सुरक्षा, सफाई, व्यवस्था के लिए जागरूकता में बढ़ोतरी हुई है। एज आर ई उपयोग संबंधित दिशा निर्देश के साथ जेनरेटर इत्यादि समानों को दुर्घटना स्थल पर उतारने के लिए ज्यादा फ्रेम्स बनने से उनका प्रयोग आसानी से सुरक्षित तरीके से हो सकेगा। अब 5S प्रारूप से नियमित तौर पर किए जाने से किसी भी स्तर पर निष्प्रयोज्य समान, उपकरण अथवा फाइल अव्यवस्थित, गंदा या मानक के इतर नहीं पाया जा सकता है। 5S कार्यस्थल प्रबन्धन की ऐसी प्रणाली है, जिसे लागू होने पर पूरे SPART की व्यवस्था स्वचालित तरीके से चलती है।

ज्ञातव्य हो की 5S के माध्यम से हम अपने कार्य क्षेत्र को कम समय में बेहतर ढंग से ऑर्गेनाइज रख सकते हैं। कोई भी उपकरण मात्र 60 सेकेण्ड में प्राप्त कर सकते हैं। कार्य क्षेत्र में कब क्या रखना या हटाना है की कला 5S प्रणाली सिखाती है। 

इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर(C&W) श्री अनुभव पाठक ने समाडि विभाग के कर्मचारियों को QSFI की तरफ से 5 S सर्टीफिकेशन के लिए बधाई देते हुए बताया की 5S ऐसा प्रोसेस है जो वर्क प्लेस पर कार्य करने हेतु बेहतर माहौल बनाता है । 

    उन्होंने बताया कि 5S (पांच चरणीय) तकनीकी प्रबंधन एक ऐसा सिद्धांत है जिससे स्थाई स्वच्छता अपने आप कायम हो जाती है । 

इसके पांच चरण हैं :-1S. पुनर्व्यवस्था,2S. सुव्यवस्था, 3S. सफाई, 4S. मानक स्थापित करना, 5S. जागृती लाना। उन्होंने कहा कि यह ऐसी तकनीकी है जो किसी भी स्थान (सघन या सरल) पर आसानी से लागू किया जा सकता है।

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