Prarabdh Dharm-Aadhyatm : आज का पंचांग (16 दिसंबर 2025)





दिनांक : 16 दिसम्बर 2025




दिन : मंगलवार




विक्रम संवत् : 2082




अयन : दक्षिणायण




ऋतु : हेमंत




मास : पौष




पक्ष : कृष्ण




तिथि : द्वादशी रात्रि 11:57 बजे तक तत्पश्चात् त्रयोदशी



नक्षत्र : स्वाती दोपहर 02:09 बजे तक तत्पश्चात् विशाखा




योग : अतिगण्ड दोपहर 01:23 बजे तक तत्पश्चात् सुकर्मा




राहुकाल : दोपहर 03:03 बजे से शाम 04:24 बजे तक 



       
सूर्योदय : प्रातः 06:42 बजे 



             
सूर्यास्त : संध्या 05:16 बजे 



          
दिशा शूल : उत्तर दिशा में




ब्रह्ममुहूर्त : प्रातः 05:00 बजे से प्रातः 05:54 बजे तक




अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:41 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक


 
निशिता मुहूर्त : रात्रि 11:36 बजे से रात्रि 12:30 बजे तक 



सूर्य राशि : धनु   



चंद्रमा राशि : तुला


     
बृहस्पति राशि : मिथुन


   
व्रत पर्व विवरण : षडशीति संक्रांति (पुण्यकाल - सूर्योदय से दोपहर 12:23 बजे तक), त्रिपुष्कर योग (दोपहर 02:09 बजे से रात्रि 11:57 बजे तक) ।




हनुमान जी को प्रसन्न करने के प्रभावी उपाय 



मंगलवार के दिन श्रद्धा भाव से
हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें। हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चोला चढ़ाएं।
गुड़-चने या केले का भोग लगाएं।
 राम नाम या “ॐ हनुमते नमः” मंत्र का जप करें।


पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं। बंदरों को फल खिलाएं।
इन उपायों से संकट दूर होते हैं, भय नष्ट होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।



प्रदोष व्रत


हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महिने की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। ये व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। इस बार 17 दिसम्बर 2025 बुधवार को प्रदोष व्रत है। इस दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। प्रदोष पर व्रत व पूजा कैसे करें और इस दिन क्या उपाय करने से आपका भाग्योदय हो सकता है, जानिए…।


ऐसे करें व्रत व पूजा


प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराएं।


इसके बाद बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं।


पूरे दिन निराहार, संभव न हो तो एक समय फलाहार कर सकते हैं। शाम को दुबारा इसी तरह से शिव परिवार की पूजा करें।


भगवान शिवजी को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं।


भगवान शिवजी  की आरती करें। भगवान को प्रसाद चढ़ाएं और उससे अपना व्रत तोड़ें।उस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।


ये उपाय करें


सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्ध्य देें। पानी में आकड़े के फूल जरूर मिलाएं। अकौड़े के फूल भगवान शिवजी  को विशेष प्रिय हैं। ये उपाय करने से सूर्यदेव सहित भगवान शिवजी  की कृपा भी बनी रहती है और भाग्योदय भी हो सकता है।

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