Lalitpur : जीजा की डिग्री पर मेडिकल कॉलेज में बन गया कार्डियोलॉजिस्ट

ललितपुर स्वशासी मेडिकल कॉलेज में जीजा की डिग्री पर नौकरी, बहन की शिकायत पर जांच शुरू


मेडिकल कॉलेज व फर्जी डॉक्टर डॉ. राजीव कुमार गुप्ता।



जिलाधिकारी ललितपुर सत्य प्रकाश ने भी बताया कि फर्जी डिग्री पर नौकरी की शिकायत मिली है, जांच कराई जा रही है।




प्रारब्ध न्यूज ब्यूरो, ललितपुर



स्वशासी मेडिकल कॉलेज के कॉर्डियोलॉजी विभाग में कार्यरत डॉ. राजीव कुमार गुप्ता पर गंभीर आरोप उनकी ही बहन ने लगाए हैं। उनकी बहन का दावा है कि जिन डिग्रियों पर डॉ. राजीव नौकरी कर रहे हैं, वह मेरे पति की हैं। पिछले 3 साल से डॉ. राजीव अपने जीजा की डिग्री पर मेडिकल कॉलेज में कार्यरत हैं। शिकायत के बाद उनके खिलाफ जांच शुरू हो गई है।




ललितपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. इम्तियाज खान ने बताया कि डॉ. राजीव कुमार गुप्ता का इस्तीफा पहले ही हो चुका है। फिर भी इसकी जांच की जा रही है। जिलाधिकारी (DM) ललितपुर सत्य प्रकाश ने भी बताया कि फर्जी डिग्री पर नौकरी की शिकायत मिली है। जांच कराई जा रही है।




डॉक्टर की बहन के आरोप




मध्य प्रदेश के सागर जिले में कस्बा खुरई निवासी डॉक्टर की बहन ने 10 दिसंबर 2025 को अधिकारियों से शिकायत की है। उसने आरोप लगाया कि राजीव कुमार गुप्ता के पास एमबीबीएस और एमडी की जो डिग्रियां हैं, वह उनके पति की हैं। आरोप लगाने वाली बहन का दावा है कि उसके पति वर्तमान में अमेरिका के एक बड़े अस्पताल में कार्यरत हैं। उन्होंने अधिकारियों को शिकायत के साथ कुछ दस्तावेज और साक्ष्य भी दिए हैं। साथ ही मांग की है कि दस्तावेजों और फोटो का मिलान किया जाए, ताकि सच सामने आ सके।




शिकायत के बाद ही इस्तीफा




शिकायत मिलते ही मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मयंक कुमार शुक्ला ने जिला प्रशासन को सूचित किया है। प्रशासन के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर की डिग्री और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू करा दी है। उधर, शिकायत के बाद आरोपी डॉक्टर ने इस्तीफा दे दिया है।




जांच के लिए कमेटी गठित 




सीएमओ (CMO) डॉ. इम्तियाज खान ने बताया कि यह बेहद गंभीर मामला है। जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है। इतना ही नहीं फर्जी डॉक्टर ने जिन मरीजों की जांच और इलाज किए हैं, उनकी भी मेडिकल हिस्ट्री की जांच की जाएगी।



सवाल उठ रहे, कैसे हुई भर्ती




अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2022 में स्वास्थ्य विभाग ने नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कार्डियोलॉजिस्ट और जनरल मेडिसिन के पदों पर डॉक्टरों की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। साक्षात्कार और शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच के बाद डॉ. राजीव गुप्ता को 7 नवंबर 2022 से मेडिकल कॉलेज में तैनाती मिली थी।



ओपीडी-आईसीयू संभालते थे



फर्जी डॉक्टर ओपीडी के साथ हृदय रोग की गहन चिकित्सा इकाई (ICU) की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। डॉक्टर को प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपये वेतन दिया जा रहा था। आरोपी ने नियुक्ति के समय जो दस्तावेज उपलब्ध कराए थे, उनके अनुसार उन्होंने वर्ष 1991 में कोलकाता मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और वर्ष 1996 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) से एमडी की डिग्री हासिल की थी।

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