Prarabdh Dharm-Aadhyatm : आज का पंचांग एवं व्रत-त्योहार

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आज का  पंचांग
दिनांक 21 मार्च 2021
दिन - रविवार
विक्रम संवत - 2077
शक संवत - 1942
अयन - उत्तरायण
ऋतु - वसंत
मास - फाल्गुन
पक्ष - शुक्ल 
तिथि - सप्तमी सुबह 07:11 तक तत्पश्चात अष्टमी
नक्षत्र - मॄगशिरा शाम 07:25 तक तत्पश्चात आर्द्रा
योग - आयुष्मान् दोपहर 12:40 तक तत्पश्चात सौभाग्य
राहुकाल - शाम 05:19 से शाम 06:50 तक 
सूर्योदय - 06:45 
सूर्यास्त - 18:48 
दिशाशूल - पश्चिम दिशा में
व्रत पर्व विवरण - होलाष्टक प्रारंभ, रविवारी सप्तमी (सुबह 06:45 से सुबह 07:11 तक)
 विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है था शरीर का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
रविवार के दिन ब्रह्मचर्य पालन करे तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)
रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)
रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)
स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।
               
ब्लोकेज हो तो
-अदरक का कद्दुकस और गुड़ का कद्दुकस सुबह-सुबह थोड़ा खाएं ....श्वास बाहर रख के भगवान का नाम जपें -ब्लोकेज खुल जायेगा | नींबू और २५ तुलसी के पत्तों का रस कभी-कभी लें ...इससे भी आराम होता है | काहे को by pass surgery कराना।
 
होलाष्टक विशेष

-फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से लेकर फाल्गुन मास की पूर्णिमा यानी होली के दिन तक का काल "होलाष्टक" कहलाता है | इन दिनों में शादी, ब्याह, सगाई आदि के काम नहीं किये जाते, लेकिन अगर जप-तप करते हैं तो बहुत फायदा होता है | चमत्कारिक फायदा होता है |

विशेष - 21 मार्च 2021 रविवार से होलाष्टक प्रारंभ।


राजमा से सावधान

ये सीजन गर्मी की है इन गर्मी की सीजनों में राजमा खाने वालें सावधान | इस सीजन में राजमा जल्दी पचता नही फिर गोंड़ों का और जोंड़ों का दर्द अदि करता है |

कर्जे के भार से बचें

उबटन वाला स्नान यानी सात चीजों का उबटन लगा के नहाओ सात चीजें हैं 
1- गेहूँ
2- चावल ( जो ज्वार खाते हों वो ज्वार और जो चावल खाते हों वो चावल ले सकते हैं )
3- मूँग
4- चना
5- उड़द
6- जौं
7- तिल कर्जे के भार से छुड़ाने में बड़ा काम करेगा |

इस का समान भाग मिश्रण बना लें उसको चक्की में पिसवाकर उस पाउडर का घोल बनाकर उससे नहाऐं पहले ललाट पर (भस्म की तरह बीच की तीन उँगलियों से लगायें) लगायें आधा-एक मिनट “ॐ नमः शिवाय ” बोलें इससे पाप नाशिनी ऊर्जा पैदा होगी और स्वास्थ्य में कितने लाभ होगें बता नहीं सकते, साबुन लगाने से डिप्रेशन होता है, शरीर के रोम-कूप पर बुरा असर पड़ता है|

सप्त धान उबटन का स्नान रोज करो | बहुत मदद मिलेगी .... गृह पीड़ा दूर होगी बहुत फायदा होगा |

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