Prarabdh Dharm-Aadhyatm : आज का पंचांग एवं व्रत-त्योहार

 

आज का  पंचांग

 दिनांक 18 मार्च 2021

 दिन - गुरुवार

 विक्रम संवत - 2077

 शक संवत - 1942

 अयन - उत्तरायण

 ऋतु - वसंत

 मास - फाल्गुन

 पक्ष - शुक्ल 

 तिथि - पंचमी 19 मार्च रात्रि 02:09 तक तत्पश्चात षष्ठी

 नक्षत्र - भरणी सुबह 10:35 तक तत्पश्चात कृत्तिका

 योग - वैधृति सुबह 09:58 तक तत्पश्चात विष्कम्भ

 राहुकाल - दोपहर 02:17 से शाम 03:48 तक 

 सूर्योदय - 06:45 

 सूर्यास्त - 18:47 

 दिशाशूल - दक्षिण दिशा में

व्रत पर्व विवरण - 

विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

घर में सुख-शांति के लिए 

घर के मुख्य दरवाजा की जो दहलिज होती है | उस दहलिज को रोज सुबह-शाम साफ़ पानी से धो दिया जाय तो उस घर में अंदर आने वाले व बाहर जाने वाले को सुख-शांति और सफलता की प्राप्ति होती है |

 गर्मी या सिरदर्द हो तो 

 गर्मी है तो एक लीटर पानी उबालो, उबालकर आधा लीटर हो जाये तो उसे  पीने  से गर्मी का प्रभाव शांत हो जायेगा | फिर भी आँखे जलती हैं और गर्मी है तो एक कटोरी में पानी लो मुह में कुल्ला घुमाओ और दोनो आँख  पानी में  डुबो दीजिए आँखो के द्वारा गर्मी खिंच जायेगी, सिरदर्द की बहुत सारी बीमारियाँ इसी से भी भाग जाती है |

धन, समृद्धि, सुख और शांति के लिए 

हिंदू धर्म में कुछ चीजें ऐसी मानी गई हैं जिन्हें घर में जरूर रखना चाहिए। कहा जाता है जहां भी ये मंगल प्रतीक रखें जाते हैं। उस घर में हमेशा बरकत बनी रहती है।  साथ ही धन, समृद्धि और सुख की गंगा बहने लगती है। यही कारण है कि इन चीजों को पूजा की जगह रखने का अधिक महत्व  है आइए जानते हैं कौन सी हैं वो चीजें...

इन 5 चीजों को घर में रखने से होगी धन, समृद्धि,सुख और शांति

कलश

कलश सुख और समृद्धि का प्रतीक होता है  पूजन के स्थान पर रोली,  कुम -कुम से अष्टदल कमल की आकृति बनाकर उस पर यह मंगल कलश रखा जाता है । इससे घर में समृद्धि रहती है ।

स्वस्तिक 

स्वस्तिक को शक्ति, सौभाग्य, समृद्धि और मंगल का प्रतीक माना जाता है ।हर काम में इसको बनाया जाता है ।इसलिए घर के पूजन स्थल पर धातु का बना स्वस्तिक जरूर रखना चाहिए ।

शंख 

शंख समुद्र  मंथन के समय प्राप्त चौदह अनमोल रत्नों में से एक है । लक्ष्मी साथ उत्पन्न होने के कारण यह उनको प्रिय है ।इसलिए घर के पूजन स्थल पर इसे जरूर रखना चाहिए ।

दीपक और धूपदान

पारंपरिक दीपक मिट्टी का ही होता है ।धूप देने का पात्र भी मिट्टी का होता है ।इस पर उपला रखकर गुड़ और घी की धूप भी दी जाती है । ऐसा करने से घर में हमेशा समृद्धि रहती है ।

घंटी

जिन स्थानों पर घंटी बजने की आवाज नियमित आती है वहां का वातावरण हमेशा शुद्ध और पवित्र बना रहता है ।इससे नकारात्मक शक्ति हटती है और समृद्धि के दरवाजे खुलते हैं ।

पंचक

7 अप्रैल दोपहर 3 बजे से 12 अप्रैल प्रात: 11.30 बजे तक

आमलकी एकादशी गुरुवार, 25 मार्च2021

26 मार्च: प्रदोष व्रत

फाल्गुन पूर्णिमा 28 मार्च, रविवार


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